Isa Ahmad
Labour Law Protest: भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में चार नए लेबर कानूनों और अन्य श्रमिक मुद्दों को लेकर यूनियन नेताओं ने एक बार फिर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। सुबह करीब 5 बजे से शुरू हुआ यह Labour Law Protest मुर्गा चौक पर केंद्रित रहा, जहां बड़ी संख्या में श्रमिक और यूनियन प्रतिनिधि एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और सेल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
Labour Law Protest: मुर्गा चौक पर तनाव, पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप
Labour Law Protest: प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी से लौट रहे कर्मचारियों को कुछ समय के लिए रोका गया, जिससे इलाके में हलचल की स्थिति बन गई। हालात संभालने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन यूनियन नेताओं के आक्रोश को देखते हुए पुलिस को पीछे हटना पड़ा।
कुछ समय तक मुर्गा चौक पर पुलिस, बीएसपी अधिकारियों और हड़ताल में शामिल नेताओं के बीच तनावपूर्ण माहौल बना रहा। यूनियन प्रतिनिधि अपनी मांगों को लेकर डटे रहे और प्रबंधन पर श्रमिक हितों की अनदेखी का आरोप लगाया।
Labour Law Protest: लेबर कोड और लंबित एरियर को लेकर नाराजगी
Labour Law Protest: बीएसपी यूनियन एटक के नेता विनोद कुमार सोनी ने कहा कि पुराने श्रम कानून मजदूरों, महिलाओं और कारखानों के हितों की रक्षा के लिए बनाए गए थे, लेकिन वर्तमान सरकार ने उन्हें समाप्त कर चार नए लेबर कानून लागू कर दिए हैं। उनका आरोप है कि इससे ट्रेड यूनियन बनाने के अधिकार कमजोर होंगे।
सीटू के पूर्व अध्यक्ष एस.पी. डे ने नए कानूनों को खतरनाक बताते हुए कहा कि 300 से कम कर्मचारियों वाले संस्थानों में प्रबंधन की मनमानी बढ़ सकती है। उन्होंने 39 महीनों से लंबित एरियर और वेज रिवीजन को जल्द पूरा करने की मांग भी उठाई।
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Labour Law Protest: वहीं, यूनियन नेता अरुण कुमार सिसोदिया ने आरोप लगाया कि नए प्रावधानों के तहत कार्य घंटे 8 से बढ़ाकर 12 करने की कोशिश की जा रही है और महिलाओं के लिए नाइट शिफ्ट का प्रावधान जोड़ा गया है, जबकि सुरक्षा व्यवस्था अभी भी सवालों के घेरे में है।





