कोरबा, छत्तीसगढ़ – जिले के बांकीमोंगरा नगर पालिका क्षेत्र में उस समय सियासी हलचल तेज हो गई जब डिप्टी सीएम अरुण साव के दौरे से पहले 5 कांग्रेसी पार्षदों को नगरीय प्रशासन द्वारा नजरबंद कर दिया गया। इन पार्षदों का आरोप है कि वे क्षेत्र के विकास को लेकर एक सामूहिक ज्ञापन सौंपने वाले थे, जिसे रोकने के लिए प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
क्या है मामला?
- डिप्टी मुख्यमंत्री अरुण साव कोरबा प्रवास के दौरान रविवार को बांकीमोंगरा नगर पालिका में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण करने पहुंचे।
- इससे पहले कांग्रेस पार्टी के 5 पार्षद क्षेत्रीय समस्याओं और विकास योजनाओं को लेकर ज्ञापन सौंपने की तैयारी में थे।
- लेकिन इससे पहले ही उन्हें नगरीय प्रशासन ने नजरबंद कर दिया, जिससे मामला तूल पकड़ गया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया और प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
- उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है, जहां जनप्रतिनिधियों को अपनी बात तक रखने नहीं दिया जा रहा।
भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि डिप्टी सीएम की मौजूदगी में विरोध की संभावना को देखते हुए राजनीतिक दबाव में पार्षदों को रोका गया, ताकि वे अपनी बात सामने न रख सकें।





