BY: Yoganand Shrivastva
कर्नाटक के सहकारिता मंत्री और कांग्रेस नेता के.एन. राजन्ना को राहुल गांधी के खिलाफ दिए बयान की वजह से अपने पद से हाथ धोना पड़ा। पार्टी आलाकमान के निर्देश पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने उनका इस्तीफा ले लिया।
पृष्ठभूमि
हाल ही में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर “वोट चोरी” का आरोप लगाया था। कांग्रेस और कई विपक्षी दलों ने सोमवार को इस मुद्दे पर बड़ा प्रदर्शन भी किया। लेकिन इस दौरान मंत्री राजन्ना ने सार्वजनिक रूप से राहुल गांधी के दावों की आलोचना कर दी, जो पार्टी लाइन से अलग था।
राजन्ना का विवादित बयान
रविवार को तुमकुरु में राजन्ना ने कहा था –
“ऐसा नहीं कहना चाहिए। वोटर लिस्ट तो कांग्रेस सरकार के समय बनी थी। तब किसी ने आपत्ति क्यों नहीं जताई? अगर मैं और बोलूंगा तो हालात बिगड़ सकते हैं। भाजपा ने गलत किया, लेकिन यह सब हमारी आंखों के सामने हुआ। भविष्य में हमें और सतर्क रहना होगा।”
राहुल गांधी की नाराज़गी और कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, राजन्ना के इस बयान से राहुल गांधी बेहद नाराज़ हो गए थे। इसके बाद कांग्रेस हाईकमान ने सीएम सिद्धारमैया को स्पष्ट निर्देश दिए कि राजन्ना को तुरंत कैबिनेट से हटाया जाए।
इस्तीफे से इनकार से लेकर मंजूरी तक
पहले राजन्ना इस्तीफा देने को तैयार नहीं थे। उन्हें सीएम की ओर से शाम तक की समयसीमा दी गई, साथ ही चेतावनी दी गई कि स्वेच्छा से पद छोड़ने के बजाय मजबूरी में उन्हें हटाना पड़ेगा। विधानसभा सत्र के दौरान सीएम ने अलग से उनसे मुलाकात की, जिसके बाद राजन्ना ने लिखित इस्तीफा सौंपा और इसे मंजूरी दे दी गई।
इससे पहले राजन्ना ने बयान दिया था – “मैंने इस्तीफा नहीं दिया है, मैं मुख्यमंत्री से बात कर सफाई दूंगा।” हालांकि, कुछ ही देर बाद उन्होंने पद छोड़ दिया।