रिपोर्ट- सलमान मलिक
KanwarYatra Roorkee : सावन कांवड़ यात्रा में दिखा भक्ति का अलग रंग, राजू भोला का अनोखा रूप बना चर्चा का विषय
KanwarYatra Roorkee : रुड़की, उत्तराखंड। सावन के पवित्र महीने में भगवान भोलेनाथ की भक्ति पूरे देश में दिखाई दे रही है। हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल लेकर लाखों शिवभक्त अपने-अपने गंतव्य की ओर कांवड़ लेकर रवाना हो रहे हैं। इस दौरान कांवड़ यात्रा में भक्तों के अलग-अलग रूप और अनोखे अंदाज भी देखने को मिल रहे हैं।
इसी क्रम में उत्तराखंड के रुड़की में एक शिवभक्त अपने अनोखे रूप को लेकर चर्चा का केंद्र बन गया है। हाथों में बेड़ियां, कैदी जैसे कपड़े और कंधे पर कांवड़ लेकर चल रहे इस शिवभक्त को देखकर हर कोई हैरान रह गया।

KanwarYatra Roorkee : कैदी की वेशभूषा में कांवड़ लेकर निकला शिवभक्त
रुड़की में कांवड़ पटरी पैदल मार्ग पर राजू भोला नाम का शिवभक्त कैदी की वेशभूषा में नजर आया। उसके हाथों में लोहे की बेड़ियां थीं और उसने कैदियों जैसे कपड़े पहन रखे थे। हालांकि यह कोई वास्तविक कैदी नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था और एक संदेश देने के उद्देश्य से अपनाया गया अनोखा रूप था।
राजू भोला के इस अंदाज ने वहां मौजूद लोगों और दूसरे कांवड़ियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। कई लोग उसके इस रूप को देखने के लिए रुक गए और उसकी भक्ति भावना की सराहना की।

KanwarYatra Roorkee : अनोखे रूप के पीछे छिपा है खास संदेश
शिवभक्त राजू भोला ने बताया कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक संदेश देने का माध्यम भी है। इसी उद्देश्य से उन्होंने यह अलग रूप धारण किया है। उनके मुताबिक, इस वेशभूषा के जरिए वह लोगों को जीवन में गलत रास्तों से दूर रहने और अच्छे कर्मों की ओर बढ़ने का संदेश देना चाहते हैं।
KanwarYatra Roorkee : सावन में भक्ति के रंग में रंगा उत्तराखंड
सावन के महीने में हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व होता है। देशभर से शिवभक्त यहां पहुंचते हैं और मां गंगा का जल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए अपने गांव और शहरों की ओर रवाना होते हैं।
कांवड़ यात्रा के दौरान भक्तों की श्रद्धा, तपस्या और अलग-अलग रूप लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनते हैं। रुड़की में राजू भोला का यह अनोखा अंदाज भी इसी भक्ति और आस्था की एक अलग तस्वीर पेश कर रहा है।



