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JNUSU चुनाव परिणाम 2025: वामपंथी छात्र संगठन आगे, परिसर में तनाव का माहौल

JNUSU Election Results 2025: Left student organisations ahead, tension prevails on campus

by: vijay nandan

दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ चुनाव 2025 की मतगणना अपने अंतिम चरण में है। शुरुआती रुझानों में, वामपंथी एकता (लेफ्ट यूनिटी) केंद्रीय पैनल के चारों प्रमुख पदों अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पर अपनी बढ़त बनाए हुए है। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने कुछ पदों पर मजबूत प्रतिस्पर्धा दी है, जिससे परिणाम आने के साथ ही परिसर में तनाव बढ़ गया है और सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

ताज़ा रुझानों में बदलाव

शुरुआत में, लेफ्ट यूनिटी सभी पदों पर स्पष्ट रूप से आगे थी, लेकिन मतगणना जैसे-जैसे आगे बढ़ी, ABVP ने सचिव और संयुक्त सचिव के पदों पर कड़ी टक्कर दे रही है। हालांकि, नवीनतम जानकारी के अनुसार, वामपंथी उम्मीदवार एक बार फिर सभी चारों पदों पर आगे चल रहे हैं। लेफ्ट यूनिटी के समर्थक उत्साह में ‘लाल सलाम’ के नारे लगा रहे हैं और अपनी जीत का जश्न शुरू कर दिया है।

मुख्य पदों पर उम्मीदवारों की स्थिति:

अध्यक्ष
अदिति मिश्रा (वामपंथ) आगे
विकास पटेल (एबीवीपी) पीछे

उपाध्यक्ष
गोपिका (वामपंथ) आगे
तान्या कुमारी (एबीवीपी) पीछे

सचिव
सुनील यादव (वामपंथ आगे
राजेश्वर कांत दुबे (एबीवीपी) पीछे

संयुक्त सचिव
दानिश अली (वामपंथ) आगे
अनुज दमारा (एबीवीपी) पीछे राजेश्वर कांत दुबे (एबीवीपी) पीछे

JNU की राजनीति एक बार फिर केंद्र में

JNU छात्र संघ का यह चुनाव देश की छात्र राजनीति में एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। वामपंथी एकता ने अपने प्रचार में ‘समावेशी, सुलभ और लोकतांत्रिक JNU’ को बचाने पर ध्यान केंद्रित किया, जबकि ABVP ने ‘प्रदर्शन और राष्ट्रवाद’ जैसे मुद्दों को उठाया। पिछले चुनावों में, ABVP ने संयुक्त सचिव का पद जीतकर लगभग एक दशक बाद सेंट्रल पैनल में बड़ी सफलता हासिल की थी। हालांकि, नवीनतम रुझानों से पता चलता है कि वामपंथियों के इस गढ़ में सेंध लगाना अभी भी ABVP के लिए एक कठिन चुनौती बनी हुई है।

प्रशासन की अपील: शांति बनाए रखें

विश्वविद्यालय प्रशासन और चुनाव समिति ने सभी छात्रों से मतगणना शांतिपूर्ण तरीके से पूरी होने तक धैर्य बनाए रखने और परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। मतगणना स्थल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। छात्रों में उत्साह और सतर्कता बनी हुई है, और अंतिम परिणामों का इंतजार किया जा रहा है।

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