Report: Rupesh kumar dass
Hazaribagh झारखंड में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के सब्र का बांध अब टूट गया है। पिछले एक दशक से ‘झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा’ (JTET) का आयोजन न होने के विरोध में हजारीबाग के अभ्यर्थियों ने सड़क पर उतरकर मोर्चा खोल दिया। जिला परिषद चौक पर बड़ी संख्या में जुटे छात्रों ने राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार की अनदेखी ने एक पूरी पीढ़ी के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है।

Hazaribagh एक दशक से ठप है परीक्षा: लाखों युवाओं का भविष्य अधर में
प्रदर्शनकारियों ने कड़ा रोष जताते हुए कहा कि झारखंड में पिछले 10 वर्षों से JTET का आयोजन नहीं किया गया है। नियमतः हर साल होने वाली यह परीक्षा लंबे समय से न होने के कारण बीएड और डीएड डिग्री धारक लाखों शिक्षित बेरोजगार युवा अब ‘ओवरएज’ होने की कगार पर हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार नियुक्तियों की बात तो करती है, लेकिन पात्रता परीक्षा न कराकर नए उम्मीदवारों के लिए रास्ते बंद कर दिए गए हैं।

Hazaribagh सरकार की उदासीनता के खिलाफ आर-पार की जंग
पुतला दहन के दौरान छात्रों ने राज्य सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। अभ्यर्थियों ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में नियमित अंतराल पर पात्रता परीक्षाएं हो रही हैं, लेकिन झारखंड में शिक्षा विभाग और सरकार इस गंभीर मुद्दे पर मौन साधे हुए हैं। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यह प्रदर्शन तो महज एक शुरुआत है, यदि सरकार ने जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए तो यह आंदोलन सचिवालय घेराव और राज्यव्यापी उग्र प्रदर्शन का रूप ले लेगा।

Hazaribagh चेतावनी: जल्द जारी हो विज्ञापन, वरना होगा चक्का जाम
छात्रों की मुख्य मांग है कि सरकार अविलंब JTET परीक्षा की तिथि घोषित करे और इसके लिए आधिकारिक विज्ञापन जारी किया जाए। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि अब वे केवल आश्वासन से मानने वाले नहीं हैं। प्रदर्शन के अंत में छात्रों ने जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाईं और कहा कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो आगामी चुनाव में युवा अपनी नाराजगी का परिचय देंगे।





