Report: Ratan kumar
Jamtara ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर पैदा करने और किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से जामताड़ा में ‘मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना’ के तहत वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपायुक्त (DC) ने दर्जनों योग्य लाभुकों के बीच सूअर, भेड़ और बकरी का वितरण कर उन्हें स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य खेती के साथ-साथ पशुपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाना है।
Jamtara अतिरिक्त आय और आर्थिक मजबूती का आधार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार की यह योजना उन परिवारों के लिए वरदान है जो पारंपरिक खेती के अलावा आय के अन्य स्थायी विकल्प तलाश रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पशुपालन न केवल परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाता है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर आत्मनिर्भरता भी सुनिश्चित करता है। उपायुक्त ने लाभार्थियों से इन पशुओं को व्यावसायिक दृष्टिकोण से पालने की अपील की ताकि वे भविष्य में एक सफल उद्यमी बन सकें।
Jamtara पशु स्वास्थ्य और तकनीकी प्रशिक्षण पर सख्त निर्देश
प्रशासनिक सतर्कता बरतते हुए उपायुक्त ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि उनकी जिम्मेदारी केवल पशु वितरण तक सीमित नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से गांवों का दौरा करें, पशुओं के स्वास्थ्य की जांच करें और समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, लाभुकों को आधुनिक पशुपालन की तकनीकों और बेहतर रखरखाव का प्रशिक्षण देने पर भी विशेष जोर दिया गया ताकि पशुओं की मृत्यु दर कम हो और लाभ अधिकतम रहे।
Jamtara स्थानीय रोजगार से थमेगा पलायन का सिलसिला
इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्षा दीपिका बेसरा और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। योजना का लाभ मिलने पर ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी देखी गई। लाभार्थियों ने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें काम की तलाश में अपने परिवार और गांव को छोड़कर बाहर नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से जिले में पलायन की समस्या पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है, जिससे पूरे क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य बदलेगा।





