संवाददाता: रतन कुमार
Jamtara : केंद्रीय श्रमिक संगठनों, ग्रामीण मजदूर संघों और मनरेगा संघर्ष मोर्चा के साझा आह्वान पर आज जामताड़ा जिले में राष्ट्रीय आम हड़ताल का व्यापक असर देखा गया। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने न केवल शहर के मुख्य चौकों पर प्रदर्शन किया, बल्कि हाईवे को भी निशाना बनाया। दोपहर के समय प्रदर्शनकारियों के सड़क पर बैठने से आवाजाही पूरी तरह ठप रही।
गोविंदपुर-साहिबगंज हाईवे पर दो घंटे तक रहा जाम
Jamtara हड़ताल का सबसे बड़ा असर पोसोई मोड़ पर देखने को मिला, जहां प्रदर्शनकारियों ने गोविंदपुर-साहिबगंज हाईवे को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक पूरी तरह जाम कर दिया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारी हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रही ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

एमएसपी की गारंटी और श्रम कानूनों को रद्द करने की मांग
Jamtara हड़ताली संगठनों ने सरकार के सामने मांगों की एक लंबी सूची रखी है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में चारों नए श्रम कोड को वापस लेना, फसलों पर एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की कानूनी गारंटी देना और बिजली विधेयक 2025 को रद्द करना शामिल है। इसके अलावा, संगठनों ने मनरेगा को प्रभावी ढंग से पुनर्बहाल करने और नया बीज विधेयक वापस लेने की भी पुरजोर वकालत की।
न्यूनतम वेतन और स्थायीकरण पर अड़े श्रमिक संगठन
Jamtara AICTU के सदस्य चंडीदास पुरी ने कहा कि यह लड़ाई मजदूरों और बेरोजगारों के अस्तित्व की है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये प्रतिमाह तय किया जाए और बुजुर्ग श्रमिकों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाए। साथ ही, स्कीम कर्मियों को स्थायी करने और सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों पर तत्काल भर्ती शुरू करने की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज होगा।
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