Report: Somnath mishra
Jabalpur : मध्य प्रदेश की ‘लाइफलाइन’ कहे जाने वाले जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-45) पर रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। निर्माणाधीन और मरम्मत के अधीन चल रहा एक रेल ओवरब्रिज अचानक ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि जिस वक्त यह ढांचा गिरा, वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, वरना परिणाम भयावह हो सकते थे।
धराशायी हुआ करोड़ों की लागत से बना पुल
Jabalpur हैरानी की बात यह है कि यह रेल ओवरब्रिज महज कुछ वर्ष पहले ही बनकर तैयार हुआ था। रविवार दोपहर अचानक पुल का एक बड़ा हिस्सा जमींदोज हो गया, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुल के गिरने से न केवल करोड़ों की लागत पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि राजमार्ग निर्माण की गुणवत्ता और इंजीनियरिंग पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है।
मरम्मत के दौरान हुआ बड़ा हादसा
Jabalpur मिली जानकारी के अनुसार, पुल का एक हिस्सा पहले से ही जर्जर स्थिति में था, जिसके सुधार का कार्य चल रहा था। प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से पुल के एक हिस्से को बंद कर रखा था, लेकिन दूसरे हिस्से से भारी वाहनों का आवागमन लगातार जारी था। रविवार को अचानक मरम्मत के दौरान ही पूरा स्ट्रक्चर गिर गया। यह प्रशासन के सुरक्षा दावों और निर्माण एजेंसी की लापरवाही को उजागर करता है कि जर्जर घोषित पुल के पास यातायात कैसे सुचारू था।
आवागमन पूरी तरह ठप, लगा लंबा जाम
Jabalpur हादसे के तुरंत बाद सुरक्षा कारणों से हाईवे पर आवाजाही को पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है। पुल गिरने से जबलपुर और भोपाल के बीच संपर्क कट गया है, जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। प्रशासन द्वारा रूट डायवर्ट करने की तैयारी की जा रही है। मौके पर मौजूद अधिकारियों का कहना है कि मलबे को हटाने और मार्ग को सुरक्षित करने के बाद ही यातायात बहाल किया जाएगा।
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