रायपुर, 29 अगस्त 2024 — छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में ‘शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय’ का लोकार्पण किया। यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की वीरता, बलिदान और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित है।
संग्रहालय की विशेषताएं:
- संग्रहालय का निर्माण 45 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 10 एकड़ भूमि पर किया गया है।
- यहां 15 गैलरियों में हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, झंडा सत्याग्रह, जंगल सत्याग्रह जैसे जनजातीय आंदोलनों को जीवंत मॉडलों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।
- संग्रहालय में छत्तीसगढ़ की जनजातीय जीवनशैली, वेशभूषा, आभूषण, वाद्ययंत्र, हथियार और दैनिक उपयोग की वस्तुओं को उनके वास्तविक परिवेश में प्रस्तुत किया गया है।
- यहां शहीद वीर नारायण सिंह की फाइबर प्रतिमा, उनका स्मारक, फांसी स्थल, एक छोटी झील और लैंडस्केप का निर्माण किया गया है।
- संग्रहालय में रिसेप्शन, सॉविनियर शॉप, फूड कोर्ट, मल्टीमीडिया रूम, शौचालय, पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।
- परिसर की छत पर सोलर सिस्टम लगाया गया है और मुख्य प्रवेश द्वार को सुंदर जनजातीय आर्ट वर्क से सजाया गया है।
मुख्यमंत्री का वक्तव्य:
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा, “यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ के जनजातीय गौरव का प्रमुख केंद्र बनेगा। यह हमारी युवा पीढ़ी को अपने इतिहास और संस्कृति से परिचित कराने का माध्यम होगा। यह संग्रहालय आदिवासी संस्कृति और सभ्यता को जानने में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र होगा।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति:
इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, विभागीय प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, आयुक्त श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के संचालक श्री पी.एस. एल्मा सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।





