Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों ने अपना विरोध तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चल रहे विरोध को अब एक साझा आंदोलन का रूप देने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए I.N.D.I.A. गठबंधन जंतर-मंतर पर संयुक्त प्रदर्शन और दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली की रूपरेखा तैयार कर रहा है। रैली से पहले मॉक पार्लियामेंट आयोजित करने का सुझाव भी बैठक में सामने आया है।
मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास पर विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक हुई। इसमें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी से जुड़े लोगों ने भी भाग लिया। बैठक का मुख्य एजेंडा आंदोलन के अगले चरण की रणनीति तय करना, जंतर-मंतर पर साझा मोर्चा बनाना और अदालत में कानूनी लड़ाई जारी रखना रहा। विपक्ष की कोशिश है कि SIR और चुनाव आयोग की जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रखा जाए।
Gyanesh Kumar: राहुल गांधी ने दिया संदेश, 24 घंटे के नोटिस पर तैयार रहने को कहा
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से कहा कि जरूरत पड़ने पर उन्हें 24 घंटे के नोटिस पर एकजुट होने के लिए तैयार रहना चाहिए। इस संदेश के जरिए विपक्षी दलों के बीच समन्वय मजबूत करने और अलग-अलग जगहों पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों को एक साझा अभियान में बदलने पर जोर दिया गया।
विपक्ष का मानना है कि SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों को केवल अलग-अलग राजनीतिक दलों तक सीमित रखने के बजाय व्यापक जन आंदोलन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। इसी रणनीति के तहत राजनीतिक संगठनों, छात्र समूहों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाने की योजना पर चर्चा हुई।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर भी बैठक में चिंता जताई गई। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने का मुद्दा विरोध दर्ज कराने के अधिकार से जुड़ा है। बैठक में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के महासचिव डी राजा ने भी इस विषय पर अपनी चिंता जाहिर की। राहुल गांधी ने इस दौरान जंतर-मंतर को दोबारा प्रदर्शन स्थल के रूप में हासिल करने की बात कही।
Gyanesh Kumar: अदालत में सुनवाई के बाद आंदोलन की अगली रणनीति पर नजर
विपक्षी दल SIR के खिलाफ राजनीतिक विरोध के साथ-साथ कानूनी रास्ता भी खुला रखना चाहते हैं। इससे पहले 12 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया था। अब उनकी रणनीति अदालत में चल रही प्रक्रिया के साथ सार्वजनिक विरोध को जारी रखने की है।
जंतर-मंतर पर संयुक्त प्रदर्शन और रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली को आंदोलन के अगले चरण के तौर पर देखा जा रहा है। विपक्ष की योजना है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर उठ रही आपत्तियों को व्यापक स्तर पर सामने रखा जाए और इस मुद्दे पर विभिन्न संगठनों की भागीदारी बढ़ाई जाए।
हालांकि, बैठक में चर्चा किए गए सभी कार्यक्रमों की तारीख, स्वरूप और विस्तृत योजना पर अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है। कानूनी कार्रवाई की दिशा और आगे होने वाली राजनीतिक बैठकों के बाद आंदोलन के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।
Gyanesh Kumar: रामलीला मैदान की रैली से पहले मॉक पार्लियामेंट का प्रस्ताव
विपक्षी दलों की बैठक में नवंबर के पहले सप्ताह में दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली से पहले मॉक पार्लियामेंट आयोजित करने का सुझाव भी दिया गया। इस प्रस्ताव के तहत एक प्रतीकात्मक संसदीय कार्यवाही आयोजित करने पर विचार किया गया, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग जैसी प्रक्रिया का प्रदर्शन करने का विचार शामिल है।
हालांकि, मॉक पार्लियामेंट को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। फिलहाल इसे आंदोलन को व्यापक राजनीतिक और सार्वजनिक विमर्श से जोड़ने के एक संभावित तरीके के तौर पर देखा जा रहा है। प्रस्तावित रैली में SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का दावा करने वाले लोगों को भी शामिल करने पर चर्चा हुई। विपक्ष इस मुद्दे को प्रभावित मतदाताओं के अनुभवों के जरिए जनता के सामने रखने की तैयारी कर रहा है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने बैठक में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक संघर्ष जारी रखने की बात कही। तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष और शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने भी अभियान को जारी रखने के समर्थन में अपनी बात रखी।
Opposition Protest Against Gyanesh Kumar
Gyanesh Kumar: SIR के मुद्दे पर विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने की कोशिश
बैठक से यह संकेत मिला कि विपक्षी दल SIR के खिलाफ अपने विरोध को अधिक संगठित रूप देना चाहते हैं। उनकी रणनीति में सड़क पर प्रदर्शन, प्रस्तावित रैली, छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी की भागीदारी के साथ न्यायिक प्रक्रिया को जारी रखना शामिल है।
विपक्ष का जोर इस बात पर है कि मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग की जवाबदेही से जुड़े सवालों पर लगातार चर्चा होती रहे। इसके लिए जंतर-मंतर पर साझा मोर्चा बनाने और रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
फिलहाल रैली और मॉक पार्लियामेंट की अंतिम रूपरेखा सामने आना बाकी है। आने वाले दिनों में विपक्षी दलों की बैठकों और कानूनी कार्रवाई के आधार पर आंदोलन की दिशा स्पष्ट हो सकती है।


