BY: Yoganand Shrivastva
Bihar Ganga Boat Accident बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी में नाव पलटने से बड़ा हादसा हो गया। दुर्घटना में 13 बच्चों की मौत की पुष्टि जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने की है। हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और मृतकों के परिवारों में मातम छा गया। नदी में लापता लोगों की तलाश के लिए सुबह फिर से बचाव अभियान शुरू किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
सात बच्चों को अस्पताल में कराया गया भर्ती
Bihar Ganga Boat Accident हादसे में बचाए गए सात बच्चों को पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) में भर्ती कराया गया है। जिलाधिकारी के अनुसार, सभी सात बच्चों की हालत स्थिर है और उनका उपचार जारी है। घटना के बाद एसडीआरएफ की टीम और स्थानीय गोताखोरों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया।
श्राद्ध का भोज खाने जा रहे थे बच्चे
Bihar Ganga Boat Accident स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, रामपुर श्यामचंद के एक टोले के बच्चे गंगा नदी के दूसरी ओर सिंहेश्वर राय के घर श्राद्ध का भोज खाने जा रहे थे। इसी दौरान बीच नदी में नाव पलट गई। बताया गया कि नाव में करीब 15 से 20 लोग सवार थे।
स्थानीय निवासी मनीष कुमार के अनुसार, नाव छोटी और टूटी हुई थी। ग्रामीणों ने मिलकर लोगों को बचाने की कोशिश की, लेकिन सभी बच्चों को नहीं बचाया जा सका।
जर्जर नाव और क्षमता से अधिक सवारियों का आरोप
Bihar Ganga Boat Accident ग्रामीणों का कहना है कि नाव की हालत खराब थी और उस पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे। आशंका जताई जा रही है कि अधिक भार के कारण नाव का संतुलन बिगड़ा और वह नदी में डूब गई।
स्थानीय निवासी रवि कुमार ने आरोप लगाया कि राघोपुर के अंचल अधिकारी दीपक कुमार को पहले ही नाव की जर्जर हालत के बारे में जानकारी दी गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने खाट और रस्सियों की मदद से लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मृतकों में एक ही परिवार की सात बच्चियां
Bihar Ganga Boat Accident इस हादसे में जान गंवाने वाले सभी बच्चों की उम्र छह से 15 वर्ष के बीच बताई गई है। मृतकों में एक ही परिवार की सात बच्चियां शामिल हैं। हादसे के बाद सभी बच्चों के शव गांव पहुंच गए। रिपोर्ट के अनुसार, परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके कारण शवों को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच स्थिति बनी रही।
जिलाधिकारी ने 13 मौतों की पुष्टि की
वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने बताया कि बच्चे निजी नाव से गंगा के दूसरी ओर भोज खाने जा रहे थे। इसी दौरान नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। प्रशासन के अनुसार, 13 बच्चों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि सात लोगों को बचाकर अस्पताल भेजा गया है। राहत एवं बचाव कार्य में स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम को लगाया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैं और स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की सहायता में जुटा है।
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