Dewas Lokayukta Raid: मध्य प्रदेश के देवास में लोकायुक्त ने पुलिस विभाग के प्रधान आरक्षक फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार सुबह करीब 6 बजे लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की संयुक्त टीम ने देवास और इंदौर में उनके 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। शुरुआती जांच में फिरोज खान की वैध आय और कथित अनुपातहीन संपत्ति के बीच बड़ा अंतर सामने आने की बात कही जा रही है। फिलहाल लोकायुक्त की टीम दस्तावेजों, बैंक खातों और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
1. Dewas Lokayukta Raid: सुबह 6 बजे शुरू हुई कार्रवाई
Dewas Lokayukta Raid के तहत लोकायुक्त की संयुक्त टीम ने बुधवार सुबह करीब 6 बजे एक साथ कई स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। प्रधान आरक्षक फिरोज खान फिलहाल इंदौर स्थित पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (PTC) में पदस्थ बताए गए हैं। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। टीम का उद्देश्य संपत्ति, निवेश और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच करना है।
2. Dewas Lokayukta Raid: देवास और इंदौर में 15 ठिकानों पर छापा
Dewas Lokayukta Raid के दौरान लोकायुक्त की टीम ने देवास और इंदौर में कुल 15 ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली। इनमें 11 स्थान देवास और चार स्थान इंदौर में बताए जा रहे हैं। देवास में आदर्श नगर स्थित आवास के अलावा राधागंज, विजय नगर और पुष्पकुंज कॉलोनी सहित अन्य स्थानों पर भी जांच की गई। टीम अलग-अलग ठिकानों से संपत्ति और आर्थिक लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड जुटा रही है।
3. Dewas Lokayukta Raid: 1.93 करोड़ की वैध आय, 6.26 करोड़ की कथित अनुपातहीन संपत्ति
Dewas Lokayukta Raid में सामने आए शुरुआती आकलन के अनुसार, प्रधान आरक्षक फिरोज खान की ज्ञात वैध आय करीब 1.93 करोड़ रुपये बताई जा रही है। वहीं, जांच में कथित अनुपातहीन संपत्ति का अनुमान लगभग 6.26 करोड़ रुपये लगाया गया है। लोकायुक्त की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित संपत्तियां किस आय के स्रोत से अर्जित की गईं और उनके पीछे कौन-कौन से वित्तीय लेन-देन हुए। ये आंकड़े शुरुआती जांच से जुड़े बताए जा रहे हैं; अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
4. Dewas Lokayukta Raid: पत्नी और मां से जुड़े बैंक खातों की जांच
Dewas Lokayukta Raid के दौरान फिरोज खान की मां और पत्नी से जुड़े बैंक खातों तथा वित्तीय गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, साहिल ट्रेडिंग कंपनी से जुड़े खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन की पड़ताल की जा रही है। लोकायुक्त यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन लेन-देन का संबंधित संपत्तियों से क्या संबंध है और धनराशि के स्रोत क्या हैं। जांच में सामने आने वाले दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
5. Dewas Lokayukta Raid: रोशनी वर्मा की फर्मों के वित्तीय लेन-देन भी जांच के दायरे में
Dewas Lokayukta Raid में रोशनी वर्मा से जुड़ी फर्मों के वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें रोशनी सेल्स एंड सर्विस और रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। लोकायुक्त की टीम इन फर्मों से जुड़े निवेश, आर्थिक गतिविधियों और संबंधित व्यक्तियों के बीच हुए लेन-देन की जांच कर रही है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी भी व्यक्ति या फर्म की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
6. Dewas Lokayukta Raid: जमीन, मकान और फ्लैट से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल
Dewas Lokayukta Raid के दौरान टीम को कृषि भूमि, मकान, फ्लैट और प्लॉट से संबंधित दस्तावेज मिलने की जानकारी है। इनमें इंदौर जिले के सांवेर क्षेत्र के गुरान गांव में 21.75 बीघा जमीन के सौदे से जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं। लोकायुक्त की टीम इन संपत्तियों के स्वामित्व, खरीद-फरोख्त और भुगतान के स्रोतों का मिलान संबंधित आय और वित्तीय रिकॉर्ड से कर रही है।
7. Dewas Lokayukta Raid: दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की जांच जारी
Dewas Lokayukta Raid के बाद लोकायुक्त की टीम विभिन्न ठिकानों से मिले दस्तावेजों, बैंक खातों, संपत्ति रिकॉर्ड और निवेश से जुड़ी जानकारी का विश्लेषण कर रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या संबंधित संपत्तियां ज्ञात वैध आय के अनुपात से अधिक हैं और क्या इस संबंध में कानूनी कार्रवाई के पर्याप्त आधार मौजूद हैं। फिलहाल जांच जारी है। मामले में अंतिम स्थिति और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।


