Air India Flight Hijack Alert: जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान को बुधवार सुबह हाईजैक अलर्ट मिलने के बाद जयपुर की ओर मोड़ दिया गया। विमान को जयपुर हवाई अड्डे पर आपात स्थिति में उतारा गया, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू की। शुरुआती जानकारी के अनुसार, विमान में 293 यात्री और चालक दल के 13 सदस्य सवार थे। जांच के दौरान हाईजैक से जुड़ा अलर्ट झूठा पाया गया और विमान को आगे की उड़ान के लिए मंजूरी दे दी गई। इसके बाद यात्री उसी विमान से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
इस घटना के बाद विमान की सुरक्षा व्यवस्था और अलर्ट जारी होने के कारणों को लेकर सवाल उठे हैं। अधिकारियों के अनुसार, नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) मामले की जांच करेगा। शुरुआती जानकारी में तकनीकी गड़बड़ी के कारण अलर्ट सक्रिय होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
Air India Flight Hijack Alert: जयपुर एयरपोर्ट पर कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग
फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की उड़ान संख्या AI 2030 बुधवार सुबह सुरक्षा अलर्ट के बाद जयपुर पहुंची। यह विमान बोइंग 787-9 श्रेणी का था। अधिकारियों के मुताबिक, विमान सुबह करीब 9:35 बजे जयपुर हवाई अड्डे पर उतरा। इसके बाद सुरक्षा जांच के लिए विमान को निर्धारित आइसोलेशन बे में ले जाया गया।
आइसोलेशन बे हवाई अड्डे का ऐसा अलग स्थान होता है, जहां किसी विमान से जुड़े सुरक्षा संबंधी खतरे की आशंका होने पर उसे अन्य विमानों से दूर रखकर जांच की जाती है। इस मामले में भी विमान को वहां ले जाने के बाद संबंधित सुरक्षा एजेंसियों ने आवश्यक जांच की। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, लैंडिंग के लगभग 10 मिनट के भीतर विमान को जांच के लिए निर्धारित स्थान पर पहुंचा दिया गया था।
Air India Flight Hijack Alert: विमान में सवार थे 306 लोग
इस उड़ान में कुल 306 लोग सवार थे। इनमें 293 यात्री और चालक दल के 13 सदस्य शामिल थे। विमान को जयपुर में उतारे जाने के बाद यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक जांच की गई।
जयपुर पुलिस के सहायक पुलिस आयुक्त शिव दयाल के मुताबिक, हवाई अड्डे के अधिकारियों ने पुलिस को फ्रैंकफर्ट-दिल्ली उड़ान में बम की धमकी से संबंधित सूचना मिलने और विमान को आपात स्थिति में उतारे जाने के बारे में जानकारी दी थी।
इसके बाद हवाई अड्डे पर सुरक्षा प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई। विमान और उसमें सवार लोगों की जांच पूरी होने के बाद उड़ान को आगे जाने की अनुमति दी गई। घटना के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया।
Air India Flight Hijack Alert: पायलटों ने नहीं भेजा था 7500 कोड, तकनीकी गड़बड़ी की आशंका
इस मामले में सामने आई शुरुआती जानकारी के अनुसार, विमान के पायलटों ने कथित तौर पर खुद हाईजैक का संकेत देने वाला 7500 कोड प्रसारित नहीं किया था। सूत्रों ने तकनीकी गड़बड़ी के कारण इस कोड के सक्रिय होने की आशंका जताई है।
विमानन क्षेत्र में स्क्वॉक कोड 7500 का इस्तेमाल विमान के अपहरण या किसी गैरकानूनी हस्तक्षेप की स्थिति का संकेत देने के लिए किया जाता है। विमान का ट्रांसपोंडर इस कोड को एयर ट्रैफिक कंट्रोल तक पहुंचाता है, जिससे संबंधित एजेंसियों को सुरक्षा संबंधी स्थिति का संकेत मिलता है।
बताया गया कि जब विमान से 7500 कोड प्रसारित होने की जानकारी सामने आई, उस समय विमान मुंबई फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन (FIR) के क्षेत्र में था। इसके बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान का मार्ग बदलकर जयपुर की ओर किया गया। हालांकि, तकनीकी गड़बड़ी को लेकर सामने आई जानकारी शुरुआती स्तर की है और इसकी पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी।
Air India Flight Hijack Alert: बम की धमकी की सूचना के बाद सक्रिय हुईं सुरक्षा एजेंसियां
जयपुर हवाई अड्डे के अधिकारियों को विमान में बम की धमकी से संबंधित सूचना मिलने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद विमान को सुरक्षित तरीके से उतारने और जांच करने की प्रक्रिया शुरू हुई। ऐसे मामलों में विमान को अलग स्थान पर रखकर उसकी सुरक्षा जांच की जाती है, ताकि किसी संभावित खतरे की पुष्टि की जा सके।
विमान को आइसोलेशन बे में ले जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने आवश्यक जांच की। इसके साथ ही यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की गई। जांच के दौरान हाईजैक अलर्ट झूठा पाया गया। अधिकारियों ने विमान को उड़ान संचालन के लिए मंजूरी दे दी।
Air India Flight Hijack Alert: यात्रियों को विमान से उतारकर की गई जांच
जयपुर हवाई अड्डे पर विमान के उतरने के बाद यात्रियों को विमान से नीचे उतारा गया और उन्हें टर्मिनल भवन में ले जाया गया। वहां सुरक्षा प्रक्रिया के तहत यात्रियों की जांच की गई। विमान की भी आवश्यक जांच की गई, ताकि किसी संभावित खतरे की आशंका को दूर किया जा सके।
एअर इंडिया ने अपने बयान में बताया कि संबंधित सुरक्षा एजेंसियों ने जरूरी जांच पूरी करने के बाद विमान और चालक दल को उड़ान के लिए मंजूरी दे दी। इसके बाद यात्रियों को दोबारा विमान में बैठाया गया। सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उड़ान को दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया।
इस तरह शुरुआती हाईजैक अलर्ट के कारण विमान को अपने निर्धारित मार्ग से हटाकर जयपुर में उतारना पड़ा, लेकिन जांच में खतरे की पुष्टि नहीं हुई। यात्रियों ने बाद में उसी विमान से अपनी यात्रा जारी रखी।
Air India Flight Hijack Alert: DGCA करेगा पूरे मामले की जांच
घटना को लेकर नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) जांच करेगा। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि हाईजैक अलर्ट किस वजह से सक्रिय हुआ, 7500 कोड से जुड़ी सूचना कैसे सामने आई और विमान का मार्ग बदलने की जरूरत क्यों पड़ी।
अगर तकनीकी गड़बड़ी की आशंका की पुष्टि होती है, तो विमान की प्रणालियों और संबंधित संचार रिकॉर्ड की जांच अहम हो सकती है। साथ ही, विमान को जयपुर भेजने और वहां सुरक्षा प्रक्रिया अपनाने से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा की जा सकती है।
फिलहाल शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विमान में हाईजैक की वास्तविक स्थिति सामने नहीं आई है और यात्रियों को दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया है। घटना के कारणों और तकनीकी पहलुओं पर अंतिम स्थिति संबंधित एजेंसियों की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।


