रिपोर्ट- प्रमोद श्रीवास्तव
OBC Reservation : मध्यप्रदेश में 27 फीसदी OBC आरक्षण का मुद्दा हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच रहा है। तो वहीं ओबीसी महासभा भी आंदोलन की तैयारी में हैं। ऐसे में ओबीसी आरक्षण का मुद्दा मध्यप्रदेश में एक बार फिर सियासत के केंद्र में है। दरअसल OBC आरक्षण पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद 27 फीसदी आरक्षण का मुद्दा फिर गरमा गया है।ओबीसी आरक्षण को 14 फीसदी पर रखने के हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ ओबीसी महासभा ने 15 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है।
OBC Reservation : OBC आरक्षण पर सरकार-विपक्ष में आर-पार, अब आंदोलन के लिए OBC महासभा भी तैयार
संगठन ने 15 अक्टूबर से जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने का ऐलान किया है। आंदोलन के अगले चरण में 28 अक्टूबर से संभाग स्तर पर धरना-प्रदर्शन और नवंबर में प्रदेशव्यापी आंदोलन की योजना है। संगठन 27 फीसदी आरक्षण की मांग के साथ OBC वर्ग की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति का वैज्ञानिक अध्ययन कराने की मांग भी उठा रहा है। उधर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 13 अक्टूबर को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और राज्य के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह के साथ कानूनी पहलुओं पर चर्चा की।
जिसके बाद तय हुआ है कि मध्यप्रदेश सरकार के स्थान पर अब बीजेपी इस मुद्दे को लेकर सुप्रीमकोर्ट जाएगी। बीजेपी का कहना है कि 27 फीसदी आरक्षण लागू करने के लिए तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने पर्याप्त कानूनी तैयारी नहीं की थी और फैसले को कानूनी चूक बताया, तो कांग्रेस ने मौजूदा सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।
OBC Reservation : MP में OBC आरक्षण पर अब तक क्या-क्या हुआ ?
2019 – OBC आरक्षण 14% से बढ़ाकर 27%
• तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने आरक्षण बढ़ाने का कानून बनाया। इसके खिलाफ अदालत में याचिकाएं दायर हुईं।
2020 के बाद, कानूनी लड़ाई जारी
• बीजेपी सरकार ने भी 27% आरक्षण का समर्थन किया, जबकि बढ़े हुए आरक्षण की वैधानिकता अदालत में चुनौती के दायरे में रही।
5 अगस्त 2026, हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी
• 27% OBC आरक्षण से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई पूरी हुई और फैसला सुरक्षित रखा गया।
9 अक्टूबर- 2026, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
• 27% आरक्षण बढ़ाने वाले कानून को असंवैधानिक ठहराया गया। OBC आरक्षण 14% पर सीमित हुआ।
• नौकरी में रोके गए 13% पदों पर तीन महीने में अनारक्षित वर्ग से नियुक्ति के निर्देश दिए गए।
13 अक्टूबर 2026, सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी
• मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और प्रदेश के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह के साथ कानूनी रणनीति पर चर्चा की।
• सरकार हाईकोर्ट के फैसले पर रोक की मांग करने की तैयारी में है, अब सरकार की जगह बीजेपी जाएगी सुप्रीम कोर्ट।
15 अक्टूबर 2026, ओबीसी महासभा का प्रदेशव्यापी आंदोलन
• OBC महासभा ने जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने का ऐलान किया।
• संगठन 27% आरक्षण की बहाली की मांग कर रहा है।
OBC Reservation : बीजेपी-कांग्रेस के बीच OBC बना है बड़ा सियासी मुद्दा
आपको बता दें कि 9 अक्टूबर को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने 2019 के उस कानून को असंवैधानिक ठहराया, जिसके जरिए OBC आरक्षण 14 फीसदी से बढ़ाकर 27 फीसदी किया गया था। इसके साथ ही सरकारी भर्तियों में रोके गए 13 फीसदी पदों पर तीन महीने के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए। अब OBC आरक्षण पर कानूनी लड़ाई जारी रहने के बीच प्रदेश में आंदोलन की तैयारी है। बीजेपी और कांग्रेस अपने-अपने तर्कों के साथ मैदान में हैं, लेकिन सबसे अहम सवाल यही है। आरक्षण के मुद्दे पर समाधान कब निकलेगा और युवाओं को आगे की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता कब मिलेगी ?
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