Report: Arvind Chouhan
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर टिप्पणी
Gwalior ग्वालियर प्रवास पर पहुंचे संत रामभद्राचार्य जी महाराज ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी से जुड़े विवाद पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद जी के साथ कोई अन्याय नहीं हुआ है, बल्कि नियमों का उल्लंघन उन्होंने स्वयं किया। संत रामभद्राचार्य ने स्पष्ट कहा कि गंगा तट पर रथ से जाना नियम विरुद्ध है और जब पुलिस ने रोका था, तब रुक जाना चाहिए था। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वे स्वयं संगम तक भी पैदल ही जाते हैं।

सरकार के नोटिस पर संत की प्रतिक्रिया
Gwalior सरकार की ओर से दिए गए नोटिस को लेकर रामभद्राचार्य जी महाराज ने कहा कि इसमें कोई गलत बात नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार ने जो किया है, वह पूरी तरह से नियमों के अनुसार है और सब कुछ ठीक है। शंकराचार्य पद को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने कहा कि अभी सर्वोच्च न्यायालय ने किसी को शंकराचार्य घोषित नहीं किया है।

दिग्विजय सिंह और अन्य मुद्दों पर बयान
Gwalior दिग्विजय सिंह द्वारा हिन्दू शब्द को लेकर दिए गए बयान पर संत रामभद्राचार्य जी महाराज ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह को शास्त्रों का ज्ञान नहीं है। रामभद्राचार्य जी ने शास्त्रों में वर्णित श्लोकों का उल्लेख करते हुए हिन्दू शब्द को पूर्णतः सही ठहराया। वहीं, धीरेन्द्र शास्त्री से जुड़े सवाल पर उन्होंने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसमें कोई आपत्ति की बात नहीं है।
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