Report: Arun kumar
Gorakhpur : अपने तीन दिवसीय गोरखपुर दौरे के अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याओं को सीधे तौर पर सुना और उनके निस्तारण के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

जनता दर्शन: “निष्पक्ष और समयबद्ध हो समस्याओं का समाधान”
Gorakhpur हमेशा की तरह मुख्यमंत्री स्वयं फरियादियों के बीच पहुँचे और एक-एक कर सबके प्रार्थना पत्र लिए। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता की समस्याओं को पूरी गंभीरता से लिया जाए। सीएम ने स्पष्ट कहा कि:
- सभी मामलों का निस्तारण समयबद्ध और संतोषजनक होना चाहिए।
- किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- गरीब और असहाय लोगों की मदद के लिए प्रशासनिक तंत्र संवेदनशीलता के साथ कार्य करे।
आस्था और गोसेवा: ‘श्यामा और गौरी’ को खिलाया गुड़-रोटी
Gorakhpur मुख्यमंत्री की दिनचर्या की शुरुआत गुरु गोरखनाथ के दर्शन-पूजन और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर मत्था टेकने के साथ हुई। इसके बाद वे मंदिर की गोशाला पहुँचे। यहाँ का दृश्य बड़ा ही मनमोहक था; जैसे ही सीएम ने श्यामा, गौरी, गंगा और भोला जैसे नामों से गोवंश को पुकारा, वे उनकी आवाज सुनकर दौड़ते हुए उनके पास आ गए। मुख्यमंत्री ने बड़े ही दुलार से सभी के माथे पर हाथ फेरा और उन्हें अपने हाथों से गुड़ व रोटी खिलाई।

बच्चों को चॉकलेट और दो मासूमों का अन्नप्राशन
Gorakhpur भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री का वात्सल्य रूप भी देखने को मिला। मंदिर आए छोटे बच्चों को देखकर उन्होंने उन्हें अपने पास बुलाया, उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा और हंसी-मजाक करते हुए उन्हें चॉकलेट भेंट की। मुख्यमंत्री ने आशीर्वाद देते हुए कहा— “खूब पढ़ो, खूब आगे बढ़ो।” इस विशेष अवसर पर सीएम ने दो नन्हे बच्चों को अपनी गोद में लिया और परंपरा के अनुसार उनका अन्नप्राशन (पहली बार अन्न खिलाना) भी कराया।





