Report: Pawan Sharma
विधायक का बयान समाज में विकृत सोच पर ध्यान आकर्षित करने के लिए
Gohad भाण्डेर विधायक फूलसिंह बरैया के हालिया वक्तव्य को लेकर गोहद में आयोजित प्रेसवार्ता में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनका बयान किसी वर्ग या महिलाओं के अपमान के समर्थन में नहीं था। उनका उद्देश्य समाज में मौजूद उस मानसिकता को उजागर करना था, जो कुछ प्राचीन और अर्ध-प्राचीन ग्रंथों तथा कथित परंपराओं के सहारे आज भी जीवित है।
अतीत के ग्रंथ और वर्तमान सामाजिक प्रभाव
Gohad प्रेसवार्ता में सुरेन्द्र सिंह तोमर (सेवानिवृत्त डीएसपी, मध्यप्रदेश पुलिस) ने कहा कि कुछ पुराने ग्रंथों में शूद्र, एससी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं के प्रति हीन दृष्टिकोण अपनाने वाली बातें लिखी गई हैं। यह मानसिकता आज भी जातिगत अपराध, महिलाओं के विरुद्ध अत्याचार और सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा देती है। विधायक बरैया ने अपने वक्तव्य में इन्हीं आपत्तिजनक पंक्तियों की ओर समाज का ध्यान आकर्षित किया था।
सामाजिक न्याय और पुस्तकों पर प्रतिबंध की मांग
Gohad वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि दोष वक्तव्य का नहीं बल्कि उन पुस्तकों, उनके लेखकों-प्रकाशकों और उस व्यवस्था का है जो ऐसे साहित्य पर कठोर कार्रवाई करने में विफल रही है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की कि जाति, वर्ण और लिंग आधारित भेदभाव को बढ़ावा देने वाली सभी पुस्तकों पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही, संविधान और डॉ. भीमराव अंबेडकर के मूल्यों की रक्षा के लिए सतत प्रयास करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
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