BY: Yoganand Shrivastva
मुंबई: गणेश उत्सव के दूसरे दिन गुरुवार रात तक लगभग 30,000 गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने बताया कि इस दौरान कुल 29,965 मूर्तियां समुद्र, जलाशयों और कृत्रिम तालाबों में विसर्जित की गईं। इनमें 29,614 ‘घरेलू’ गणपति और 337 सार्वजनिक पंडालों की मूर्तियां शामिल थीं।
बीएमसी के अधिकारियों के अनुसार, 10 दिवसीय गणेश उत्सव के दौरान श्रद्धालु गणपति स्थापना के डेढ़ दिन, पांच दिन और सात दिन बाद अपनी प्रतिमाओं का विसर्जन करते हैं। इस वर्ष विसर्जन की प्रक्रिया सुरक्षित रूप से पूरी हुई और अब तक किसी अप्रिय घटना की जानकारी नहीं मिली है।
विशेष रूप से, डेढ़ दिन के गणपति की 583 प्रतिमाओं में से लगभग 55 प्रतिशत यानी 326 मूर्तियों का विसर्जन कृत्रिम जलाशयों में किया गया। इस प्रक्रिया के लिए शहर में 288 कृत्रिम तालाब बनाए गए हैं, जबकि 70 प्राकृतिक जलाशयों को भी चिन्हित किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए, BMC ने नागरिकों से अपील की है कि वे पर्यावरण अनुकूल गणपति प्रतिमाओं को ड्रम या बाल्टियों में विसर्जित करें। वहीं, ‘प्लास्टर ऑफ पेरिस’ (PoP) की 6 फीट तक ऊंचाई वाली मूर्तियों को कृत्रिम तालाबों में विसर्जित करने की सलाह दी गई है।
इस प्रकार, मुंबई में इस साल भी गणेश उत्सव का उत्साह और श्रद्धा दोनों ही पूर्ण रूप से दिखाई दिया, साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सावधानी बरती गई।