डकैतों का खौफ खत्म करने वाले पूर्व DGP HM Joshi को नौकर ने पीटा

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मप्र के पूर्व डीजीपी एचएम जोशी

मध्य प्रदेश के पूर्व डीजीपी एचएम जोशी के साथ घरेलू नौकर ने की मारपीट, चोरी का भी आरोप

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एचएम जोशी के साथ उनके घरेलू सहायक ने कथित तौर पर मारपीट की और घर से कीमती सामान चुराने की कोशिश की। इस मामले में जोशी ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?
99 वर्षीय एचएम जोशी, जो 1948 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं, ने अपनी शिकायत में बताया कि वह उम्र के कारण चलने-फिरने में असमर्थ हैं। इसलिए उन्होंने एक निजी एजेंसी के माध्यम से रफीक नामक व्यक्ति को अपने घर पर केयरटेकर के रूप में रखा था। रफीक को हर महीने 18 से 20 हजार रुपये वेतन दिया जाता था। जोशी ने बताया कि 8 अप्रैल को जब वह अपने ड्राइंग रूम में अखबार पढ़ रहे थे, तब रफीक ने उनसे कुछ देर के लिए बाहर जाने की इजाजत मांगी।

मप्र के पूर्व डीजीपी एचएम जोशी

15-20 मिनट बाद लौटने पर रफीक ने अचानक जोशी का गला दबा दिया और उनसे पैसे मांगने लगा। जोशी ने बताया कि वह इस हमले से डर गए थे, लेकिन उसी समय उनकी रसोइया गीता घर में आई, जिसके कारण रफीक ने उन्हें छोड़ दिया। बाद में जब गीता का पति महेंद्र, जो रात में जोशी की देखभाल करता है, आया तो उसने देखा कि जोशी के बैग से एक हजार रुपये गायब थे।

चोरी का भी आरोप
जोशी ने अगले दिन रफीक से पैसे के बारे में पूछा तो उसने स्वीकार किया कि उसने रुपये खर्च कर दिए और बाद में लौटा देगा। इसके बाद जोशी ने उसे काम से हटा दिया। जब घर में सामान की जांच की गई तो पता चला कि पीतल की कुछ मूर्तियां और अन्य कीमती चीजें गायब थीं। जोशी को शक है कि ये सामान रफीक ने ही चुराया है। उन्होंने पुलिस से अपनी सुरक्षा और क्षेत्र में रात के समय गश्त बढ़ाने की मांग की है।

पुलिस ने शुरू की जांच
हबीबगंज थाना प्रभारी ने बताया कि जोशी की शिकायत पर जांच शुरू कर दी गई है। रफीक को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा और उस एजेंसी के संचालक से भी संपर्क किया जाएगा, जिसके जरिए रफीक को नौकरी पर रखा गया था। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि क्या रफीक का सत्यापन ठीक से किया गया था या नहीं।

जोशी का पारिवारिक इतिहास
एचएम जोशी मध्य प्रदेश के पहले डीजीपी में से एक थे और 1980 के दशक में उन्होंने चंबल के डकैतों के आत्मसमर्पण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके बड़े बेटे अरविंद जोशी और बहू टीनू जोशी, दोनों आईएएस अधिकारी थे, लेकिन भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। अरविंद जोशी का 2022 में कैंसर के कारण निधन हो चुका है, जबकि टीनू जोशी का कोई अता-पता नहीं है। जोशी का छोटा बेटा राजीव उनके साथ रहता है।

सुरक्षा की मांग
जोशी ने अपनी शिकायत में कहा कि इस घटना के बाद उनकी जान को खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने पुलिस से तत्काल कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। यह मामला भोपाल में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि एक पूर्व डीजीपी के साथ इस तरह की घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं।

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