स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त से केंद्र सरकार ने नेशनल हाईवे पर यात्रा करने वालों के लिए FASTag एनुअल पास लॉन्च कर दिया है। इसकी कीमत 3,000 रुपए है और यह एक साल तक वैध रहेगा। इस पास के साथ आप 200 बार टोल क्रॉस कर सकते हैं, जिससे औसतन प्रति टोल सिर्फ 15 रुपए खर्च होंगे।
सरकार का मानना है कि इस सुविधा से टोल प्लाजा पर भीड़ कम होगी और बार-बार रिचार्ज करने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा।
क्यों है यह पास खास?
- कम खर्च – पहले 200 टोल क्रॉसिंग पर लगभग 10,000 रुपए लगते थे, अब सिर्फ 3,000 रुपए में काम हो जाएगा।
- समय की बचत – हर टोल पर रुककर भुगतान करने की जरूरत नहीं।
- सालभर की सुविधा – एक बार एक्टिवेट होने के बाद पूरे साल वैध।
कहां मान्य होगा और कहां नहीं?
मान्य स्थान:
- नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और सड़क परिवहन मंत्रालय (MoRTH) द्वारा संचालित नेशनल हाईवे (NH) और नेशनल एक्सप्रेसवे (NE)
- अहमदाबाद–वडोदरा एक्सप्रेसवे
- ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (KGP)
- दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे
- वडोदरा–मुंबई एक्सप्रेसवे
जहां मान्य नहीं होगा:
- राज्य (State) हाईवे
- नगरपालिका टोल सड़कें
- प्राइवेट एक्सप्रेसवे जैसे यमुना एक्सप्रेसवे, मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे, आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे
इन जगहों पर सामान्य FASTag से भुगतान करना होगा।
किन वाहनों के लिए वैध?
यह पास सिर्फ प्राइवेट, नॉन-कॉमर्शियल वाहनों (कार, जीप, वैन) के लिए है।
- ट्रक, बस या टैक्सी जैसे कॉमर्शियल वाहनों के लिए उपलब्ध नहीं।
- वाहन का VAHAN डेटाबेस में ‘प्राइवेट व्हीकल’ के रूप में रजिस्ट्रेशन जरूरी।
नया FASTag लेने की जरूरत नहीं
अगर आपके पास पहले से FASTag है तो नया खरीदने की जरूरत नहीं। यह पास मौजूदा FASTag पर ही एक्टिव होगा, बशर्ते:
- FASTag एक्टिव हो और ब्लैकलिस्टेड न हो
- व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर (VRN) से लिंक हो
- चेसिस नंबर पर रजिस्टर्ड FASTag मान्य नहीं होगा
नॉन-ट्रांसफरेबल सुविधा
यह पास सिर्फ उसी वाहन के लिए मान्य होगा जिसके रजिस्ट्रेशन नंबर और FASTag पर एक्टिव किया गया है। इसे किसी दूसरी गाड़ी में इस्तेमाल करने पर यह डिएक्टिवेट हो जाएगा और रकम वापस नहीं मिलेगी।
टोल क्रॉसिंग की गिनती कैसे होगी?
- पॉइंट-बेस्ड टोल प्लाजा: एक बार पार करना = एक क्रॉसिंग
- वापसी में उसी टोल को पार करना: अलग से एक क्रॉसिंग मानी जाएगी
- क्लोज्ड टोलिंग सिस्टम: एक एंट्री और एक एग्जिट = एक क्रॉसिंग