Education crisis in Bokaro: बीएस सिटी कॉलेज पर बंद होने का खतरा

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Education crisis in Bokaro

Report- Sanjeev Kumar

Education crisis in Bokaro: झारखंड की शैक्षणिक राजधानी कहे जाने वाले बोकारो स्टील सिटी के सेक्टर-6 स्थित बीएस सिटी कॉलेज पर बंद होने का खतरा गहराता जा रहा है। बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) प्रबंधन की ओर से कॉलेज की जमीन का लीज नवीनीकरण नहीं कराने और करीब 10 करोड़ रुपये का बकाया शुल्क जमा नहीं होने के कारण कॉलेज का लीज रद्द कर दिया गया है। वर्तमान में कॉलेज का संचालन बीएसएल प्रबंधन की अनुकंपा पर निर्भर बताया जा रहा है।

Education crisis in Bokaro:

बीएस सिटी कॉलेज बोकारो जिले का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित कॉलेज है। इसकी स्थापना वर्ष 1970 में हुई थी। प्रारंभ में यह सेक्टर-1 में संचालित होता था, बाद में बीएसएल द्वारा लीज पर दी गई भूमि पर सेक्टर-6 में इसकी स्थापना की गई। कॉलेज लगभग 20 एकड़ भूमि पर स्थापित है और यहां कला, विज्ञान, वाणिज्य, प्रबंधन सहित स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के पाठ्यक्रम संचालित होते हैं। वर्तमान में कॉलेज में करीब 2500 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।

Education crisis in Bokaro:

Education crisis in Bokaro:

कॉलेज बंद होने की स्थिति में सबसे अधिक असर गरीब, हरिजन, आदिवासी और अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों पर पड़ेगा। सरकारी कॉलेज होने के कारण यहां कम शुल्क में शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है, साथ ही छात्रों के लिए हॉस्टल की सुविधा भी मौजूद है। कॉलेज में पढ़ने वाली एक आदिवासी छात्रा ने बताया कि यह कॉलेज उनके जैसे छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, “मैं खुद सेल कर्मचारी की पुत्री हूं और मेरे साथ कई ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्र यहां पढ़ने आते हैं। बोकारो स्टील को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए ताकि हमारी शिक्षा निरंतर जारी रह सके।”

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Education crisis in Bokaro: वहीं कॉलेज के कर्मियों का कहना है कि लीज रद्द होने से संबंधित पत्र मिलने के बाद इस मामले की जानकारी मुख्यमंत्री, राज्यपाल और विश्वविद्यालय प्रबंधन को दे दी गई है। कॉलेज की ओर से एक कमेटी भी गठित की गई थी, लेकिन इसके बावजूद लगातार पत्र भेजे जा रहे हैं। कर्मियों की मांग है कि जिस प्रकार अन्य सरकारी विभागों को भूमि उपलब्ध कराई गई है, उसी तरह एक सरकारी कॉलेज को भी निःशुल्क जमीन दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि अगर कॉलेज बंद होता है तो कर्मचारियों और छात्रों दोनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

इस पूरे मामले पर बोकारो स्टील के संचार प्रमुख मणिकांत धान ने बताया कि वर्ष 2008 में 22 एकड़ जमीन का लीज समाप्त हो चुका है और उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया। इसके अलावा लगभग 10 करोड़ रुपये का बकाया भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला सीधे तौर पर बोकारो स्टील से संबंधित नहीं है, बल्कि टाउनशिप मुख्यालय और सेल बोर्ड के स्तर पर इसका निर्णय लिया जाता है।

अब देखना यह है कि राज्य सरकार, विश्वविद्यालय प्रशासन और सेल प्रबंधन इस दिशा में क्या कदम उठाते हैं। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो बीएस सिटी कॉलेज के साथ-साथ हजारों छात्रों का भविष्य भी संकट में पड़ सकता है।

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