आज मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आम आदमी पार्टी (AAP) नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज के घर समेत 13 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई अस्पताल निर्माण परियोजनाओं में कथित घोटाले से जुड़ी जांच का हिस्सा बताई जा रही है।
Contents
छापेमारी क्यों हुई?
- दिल्ली एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने पिछले साल AAP सरकार के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की जांच शुरू की थी।
- जून 2025 में ACB ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्रियों सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन के खिलाफ केस दर्ज किया।
- इसके बाद मामला ED को ट्रांसफर कर दिया गया और जुलाई में केंद्रीय एजेंसी ने केस दर्ज किया।
अस्पताल परियोजनाओं में गड़बड़ी के आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक:
- ₹5,590 करोड़ की 24 अस्पताल परियोजनाओं (11 ग्रीनफील्ड और 13 ब्राउनफील्ड) में गड़बड़ी और देरी हुई।
- 7 ICU अस्पतालों को 6 महीने में बनाने का वादा था, लेकिन 3 साल बाद भी सिर्फ 50% काम पूरा हुआ।
- लोकनायक अस्पताल की नई परियोजना पर ₹465.52 करोड़ का बजट था, लेकिन खर्च ₹1,125 करोड़ तक पहुंच गया।
- 94 पॉलीक्लिनिक बनाने का लक्ष्य था, लेकिन 52 पर ही काम हुआ और खर्च बढ़कर ₹220 करोड़ हो गया।
AAP का पलटवार: “राजनीतिक बदले की कार्रवाई”
AAP नेताओं ने इस छापेमारी को “राजनीतिक साजिश” बताया।
- अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर लिखा – “ये रेड दिखाती है कि मोदी सरकार हमारी आवाज दबाना चाहती है। हम भाजपा से नहीं डरते।”
- आतिशी ने आरोप लगाया कि यह छापेमारी “100% फर्जी” है और इसका मकसद पीएम मोदी की डिग्री विवाद से ध्यान भटकाना है।
- संजय सिंह ने कहा – “कल पूरा देश पीएम से डिग्री मांग रहा था, आज ED की कार्रवाई उस मुद्दे को दबाने की कोशिश है।”
भाजपा का आरोप: “AAP ने विकास रोका, घोटाले किए”
भाजपा नेताओं ने AAP पर बड़ा हमला बोला।
- विजेंद्र गुप्ता ने शिकायत में आरोप लगाया कि सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन ने मिलीभगत कर भ्रष्टाचार किया।
- भाजपा नेता वीरेंद्र सचदेवा ने कहा – “AAP भ्रष्ट पार्टी है, जिसने दिल्ली का विकास रोका और जनता को गुमराह किया।”
यह खबर भी पढें: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया: सोशल मीडिया कंटेंट नियंत्रण में NBSA से परामर्श अनिवार्य
सौरभ भारद्वाज और AAP नेताओं पर अस्पताल परियोजनाओं में घोटाले के गंभीर आरोप लगे हैं। वहीं, AAP इसे पूरी तरह राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है। अब यह देखना अहम होगा कि ED की जांच से इस विवाद में आगे क्या नया खुलासा होता है।





