Isa Ahmad
रिपोर्टर: आगस्टीन हेम्बरम
Dumka: दुमका पुलिस मेन्स एसोसिएशन की ओर से बुधवार को पुलिस लाइन परिसर में पारंपरिक आदिवासी पर्व सोहराय का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति प्रेम की झलक देखने को मिली।
पुलिस लाइन पहुंचने पर मुख्य द्वार पर ही एसडीपीओ विजय कुमार और एसडीपीओ एक्कुड डुंगडुंग का आदिवासी परंपरा के अनुसार स्वागत किया गया। संयुक्त रूप से नायकी बाबा पटवारी मरांडी, गोडेत श्रीलाल मुर्मू, नायकी सहायक अवर निरीक्षक चेतन किस्कू और हवलदार चुंडा मुर्मू ने अतिथियों का अभिनंदन किया। इसके बाद पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन और नृत्य करती आदिवासी युवतियों के साथ सभी अधिकारी समारोह स्थल तक पहुंचे।
एसडीपीओ विजय कुमार ने विधिवत रूप से तैयार किए गए पूजास्थल का उद्घाटन किया। इसके पश्चात नायकी बाबा पटवारी मरांडी, गोडेत श्रीलाल मुर्मू, चेतन किस्कू और चुंडा मुर्मू ने विधि-विधान के साथ पवित्र अनुष्ठान संपन्न कराया। इस दौरान पांच मुर्गी, अंडे, हड़िया (चावल से बनी पारंपरिक शराब) और अन्य प्रसाद अर्पित कर मरांग बुरू, जाहेर ऐरा सहित अन्य देवी-देवताओं से सुख-समृद्धि की कामना की गई।
पूजन के बाद सोनाली मुर्मू, मंजु सोरेन और निशा सोरेन ने लोटा पानी से सभी अधिकारियों का स्वागत करते हुए उनके पैर धोए। दुमका पुलिस मेन्स एसोसिएशन की ओर से सभी अतिथियों को पगड़ी पहनाकर शाल भेंट किया गया।
इसके बाद कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण आदिवासी युवतियों का सामूहिक नृत्य रहा। पारंपरिक वेशभूषा में सजी युवतियों ने एक साथ नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को उल्लासमय बना दिया। नृत्य में पुलिस पदाधिकारी और कर्मी भी उत्साहपूर्वक शामिल होते नजर आए।
इस अवसर पर एसडीपीओ विजय कुमार और एसडीपीओ एक्कुड डुंगडुंग ने कहा कि सोहराय पर्व प्रकृति प्रेम का प्रतीक है, जिसे दुमका ही नहीं बल्कि पूरे संताल परगना में बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है। गांव से लेकर शहर तक मांदर की थाप सुनाई देती है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों का यह पर्व प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश देता है और इसे हमेशा इसी भावना के साथ मनाते रहना चाहिए।
कार्यक्रम में प्रशिक्षु अमित रविदास, आकाश भारद्वाज, मेजर रामेश मंडल, सर्जन अभय सिंह, कुणाल पासवान, डेविड सहित कई पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।





