BY
Yoganand Shrivastava
Delhi Takya Kale Khan Fire Incident देश की राजधानी दिल्ली में लगातार हो रहे अग्निकांडों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली के तकिया काले खां इलाके में सोमवार देर रात भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस भयावह हादसे में कम से कम 30 झुग्गियां (झोपड़ियां) पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। घटना के बाद इलाके में हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस टीम और दमकल कर्मियों ने भारी जोखिम उठाकर 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान होने से टल गया।
Delhi Takya Kale Khan Fire Incident आधी रात को मची अफरा-तफरी, दमकल की 24 गाड़ियों ने 3 घंटे में पाया काबू
Delhi Takya Kale Khan Fire Incident दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब 11:22 बजे तकिया काले खां इलाके की झुग्गियों में आग लगने की पहली सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता और घनी आबादी वाले क्षेत्र को देखते हुए विभाग ने तुरंत एक के बाद एक कुल 24 दमकल गाड़ियों को मौके पर रवाना किया।

- 3 घंटे की कड़ी मशक्कत: चारों तरफ फैली आग की लपटों के बीच दमकल कर्मियों को स्थिति पर नियंत्रण पाने में लगभग तीन घंटे का समय लगा।
- कूलिंग ऑपरेशन: देर रात करीब 12:55 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया, जिसके बाद मलबे को ठंडा करने के लिए सुबह तक शीतलन (कूलिंग) अभियान चलाया गया। राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी भी व्यक्ति के हताहत या घायल होने की सूचना नहीं है।
Delhi Takya Kale Khan Fire Incident कबाड़ और ज्वलनशील सामग्री के कारण फैला घना धुआं
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, आग सबसे पहले उस हिस्से में भड़की जहाँ भारी मात्रा में पुराना फर्नीचर, सूखी लकड़ी और अन्य कबाड़ (ज्वलनशील सामग्री) इकट्ठा करके रखा गया था। इस सामग्री ने आग को तेजी से भड़काने में ईंधन का काम किया। कुछ ही मिनटों में आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया, जिससे आसपास के पक्के मकानों में रहने वाले लोगों के बीच भी दहशत फैल गई कि कहीं आग उनके घरों को भी अपनी चपेट में न ले ले।
Delhi Takya Kale Khan Fire Incident पुलिस ने घर-घर जाकर चलाया रेस्क्यू, 12 लोगों का सफल रेस्क्यू
आग की भयावहता को देखते हुए दिल्ली पुलिस, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) और बिजली प्रदाता कंपनी BSES की टीमें तुरंत घटना स्थल पर मुस्तैद हो गईं:
- सुरक्षा घेरा और एम्बुलेंस: आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए मौके पर तुरंत 9 एम्बुलेंस तैनात की गईं। भीड़ को नियंत्रित करने और दमकल वाहनों को बिना रुकावट रास्ता देने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।
- सराहनीय रेस्क्यू: स्थानीय पुलिस की टीमों ने कड़ा धुआं और जान का जोखिम होने के बावजूद घर-घर जाकर तलाशी अभियान (निकासी) चलाया। पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए आग के बेहद करीब फंस चुके 12 लोगों को समय रहते प्रभावित क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जांच में जुटी पुलिस: प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती प्राथमिकता आग बुझाने और लोगों की जान बचाने की थी। झुग्गियों में आग लगने के सटीक और वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, जिसकी गहनता से जांच की जा रही है।





