BY
Yoganand Shrivastava
Dehli वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में बजट पेश करने से ठीक पहले विपक्षी नेताओं ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई दिग्गज नेताओं ने इस बजट को लेकर निराशा जाहिर की है, जबकि केंद्रीय मंत्रियों ने इसे ऐतिहासिक और भविष्योन्मुखी करार दिया है।
विपक्षी खेमा हमलावर: “सुधार नहीं, यह विकृति है”
Dehli बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मुझे इस बजट से कोई उम्मीद नहीं है।” वहीं, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इसे महज 5% आबादी का बजट बताते हुए ‘विकृत बजट’ की संज्ञा दी। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने पुराने वादों की याद दिलाते हुए पूछा कि 24 करोड़ नौकरियों और काला धन वापस लाने के दावों का क्या हुआ? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को पटरी से उतार दिया है।
ढांचागत समस्याओं पर कांग्रेस का घेराव
Dehli कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने अर्थव्यवस्था की तकनीकी खामियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक से भारतीय अर्थव्यवस्था की ढांचागत समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। निजी निवेश (Private Investment) में कमी और एफडीआई (FDI) में गिरावट पर चिंता जताते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि वित्त मंत्री केवल आंकड़ों की बाजीगरी के बजाय ईमानदारी से इन असमानताओं को दूर करने का प्रयास करेंगी।
सत्ता पक्ष का भरोसा: “विकसित भारत की ओर ‘सुधार एक्सप्रेस'”
Dehli विपक्षी हमलों के बीच केंद्रीय मंत्रियों ने बजट का पुरजोर बचाव किया है। गजेंद्र सिंह शेखावत ने भरोसा दिलाया कि यह बजट 2047 तक भारत को विकसित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। वहीं, किरेन रिजिजू ने इसे ‘सुधार एक्सप्रेस’ बताते हुए ऐतिहासिक करार दिया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इसे ‘आत्मनिर्भर भारत’ का संकल्प पत्र बताया।





