CPM नेता सीताराम येचुरी का निधन, दिल्ली AIIMS में ली अंतिम सांस

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देश की राजनीति से बड़ी खबर आ रही है। सीपीएम के दिग्गज नेता सीताराम येचुरी का निधन हो गया है। उन्होंने 72 साल की उम्र में दिल्ली के एम्स में अंतिम सांस ली। येचुरी को दिल्ली एम्स के ICU में भर्ती कराया गया था, यहां उनका श्वसन तंत्र में संक्रमण का इलाज चल रहा था। येचुरी पिछले कुछ दिनों से रेस्पिरेटरी सपोर्ट पर थे, डॉक्टरों की एक टीम उनका इलाज कर रही थी। लेकिन इसी बीच उनकी मौत हो गई। येचुरी ने साल 2015 में प्रकाश करात की जगह सीपीएम महासचिव का पद संभाला था।

दरअसल, येचुरी को निमोनिया और सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद 19 अगस्त को एम्स नई दिल्ली के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था। इसके बाद उन्हें आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया था। मंगलवार को सीपीआई-एम ने बयान जारी कर कहा था, येचुरी को आईसीयू में रखा गया है, जहां उनका श्वसन तंत्र में संक्रमण का इलाज किया जा रहा है।

राहुल गांधी ने जताया दुख

वहीं येचुरी के निधन पर राजनीति गलियारों में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। राहुल गांधी से लेकर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इनके निधन पर दुख जताया है। राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “सीताराम येचुरी जी मेरे मित्र थे। भारत के विचार के रक्षक और हमारे देश की गहरी समझ रखने वाले। मुझे हमारी लंबी चर्चाएं याद आएंगी। दुख की इस घड़ी में उनके परिवार, मित्रों और अनुयायियों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना।”

ममता ने क्या कहा?

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भी सीताराम येचुरी के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “यह जानकर दुख हुआ कि श्री सीताराम येचुरी का निधन हो गया है। मैं जानता था कि वे एक अनुभवी सांसद थे और उनका निधन राष्ट्रीय राजनीति के लिए एक क्षति है। मैं उनके परिवार, मित्रों और सहकर्मियों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।”

छात्र जीवन से की थी राजनीति की शुरुआत

येचुरी ने साल 1974 में स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया में शामिल होकर अपनी राजनीति की शुरुआत की थी। इसके कुछ दिनों के बाद वे सीपीआई एम के सदस्य बन गए। आपातकाल के दौरान येचुरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।