PM Modi: तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर नए राजनीतिक गुट का हिस्सा बनीं सांसद सायोनी घोष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहली बार मुलाकात की है। मुलाकात के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी बातचीत का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कीं। पोस्ट में सायोनी घोष ने इस मुलाकात को अपने लिए यादगार पल बताया।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ सायोनी घोष की यह मुलाकात ऐसे वक्त हुई है, जब वह टीएमसी से अलग हुए 20 सांसदों के उस समूह का हिस्सा बताई जा रही हैं, जिसने अपनी अलग राजनीतिक दिशा तय करने का ऐलान किया है। ऐसे में इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
PM Modi: प्रधानमंत्री मोदी के साथ पहली मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं
सायोनी घोष की ओर से साझा किए गए वीडियो में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत करती दिखाई दे रही हैं। इसके साथ उन्होंने मुलाकात की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं। उन्होंने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी के साथ पहली मुलाकात का जिक्र करते हुए इसे खास और यादगार अवसर बताया।
सायोनी घोष की पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस मुलाकात को लेकर तरह-तरह की राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। खास तौर पर इसलिए भी कि सायोनी पहले तृणमूल कांग्रेस के साथ सक्रिय राजनीति में रही हैं और अब उनका नाम पार्टी से अलग हुए सांसदों के गुट के साथ जुड़ रहा है।
PM Modi: 20 सांसदों वाले बागी गुट में शामिल हैं सायोनी घोष
My first meeting with honourable Prime Minister Shri @narendramodi ji.
— Saayoni Ghosh (@sayani06) August 7, 2026
A moment to remember! pic.twitter.com/jzZ9f9gUpx
सायोनी घोष उन 20 सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर एक नए राजनीतिक मंच के साथ जाने की घोषणा की है। इस समूह की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र देकर राजनीतिक विलय से संबंधित जानकारी भी दिए जाने की बात सामने आई है।
इस गुट में सायोनी घोष के अलावा सुदीप बंद्योपाध्याय, काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, यूसुफ पठान, दीपक अधिकारी और जून मालिया समेत कई चर्चित नाम शामिल बताए जा रहे हैं। सांसदों के इस कदम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा को जन्म दिया है।
PM Modi: NCPI के साथ विलय का किया गया ऐलान
20 सांसदों वाले इस समूह ने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया यानी NCPI के साथ जाने का ऐलान किया है। समूह की ओर से लोकसभा अध्यक्ष को इस संबंध में जानकारी दिए जाने की बात कही गई है।
इस घटनाक्रम के बाद तृणमूल कांग्रेस और अलग हुए सांसदों के बीच राजनीतिक दूरी की चर्चा तेज हो गई है। सांसदों के इस कदम को राज्य की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
PM Modi: NDA के साथ काम करने की बात कह चुका है बागी गुट
टीएमसी से अलग हुए 20 सांसदों का यह समूह बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ काम करने की बात कह चुका है। इस गुट की सांसद काकोली घोष दस्तीदार की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में एनडीए के साथ काम करने की बात कही गई थी।
इसके बाद नए गुट से जुड़े सांसदों के एनडीए की संसदीय बैठक में शामिल होने की खबरें भी सामने आईं। इससे इस समूह की राजनीतिक दिशा को लेकर तस्वीर पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट हुई है।
PM Modi: सायोनी घोष को नए राजनीतिक समीकरण में अहम चेहरा माना जा रहा
सायोनी घोष को इस नए राजनीतिक घटनाक्रम में महत्वपूर्ण चेहरों में गिना जा रहा है। जून में सामने आई राजनीतिक चर्चाओं में भी उनके नाम का उल्लेख बागी गुट से जुड़े प्रमुख नेताओं के तौर पर किया गया था।
टीएमसी से अलग होकर नए राजनीतिक मंच के साथ जाने वाले 20 सांसदों में उनकी मौजूदगी पश्चिम बंगाल की राजनीति में बदलते समीकरणों की ओर इशारा करती है। अब प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी पहली मुलाकात ने इस राजनीतिक घटनाक्रम को और चर्चा में ला दिया है।
PM Modi: पीएम मोदी से मुलाकात के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चाएं
सायोनी घोष की प्रधानमंत्री मोदी से पहली मुलाकात और इसके बाद सोशल मीडिया पर तस्वीरें एवं वीडियो साझा किए जाने से राजनीतिक अटकलों को और हवा मिली है। एक ओर 20 सांसदों वाला गुट एनडीए के साथ काम करने की बात कह चुका है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री के साथ सायोनी घोष की सार्वजनिक मुलाकात भी राजनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हालांकि, सायोनी घोष ने अपनी पोस्ट में मुलाकात को व्यक्तिगत रूप से खास और यादगार पल बताया है। इसके बावजूद मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
PM Modi: पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए समीकरणों पर नजर
तृणमूल कांग्रेस से जुड़े सांसदों के एक बड़े समूह के अलग होने और नए राजनीतिक मंच के साथ जाने के घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस शुरू कर दी है। 20 सांसदों के इस गुट का एनडीए के साथ काम करने का रुख राज्य और केंद्र की राजनीति दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब सायोनी घोष की प्रधानमंत्री मोदी से हुई पहली मुलाकात के बाद यह देखना अहम होगा कि आने वाले दिनों में यह नया राजनीतिक समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ता है और इसका पश्चिम बंगाल की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।



