BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अब सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कर्नाटक के कोलार से कांग्रेस विधायक के. मंजूनाथ ने इस सैन्य कार्रवाई की पारदर्शिता और प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
विधायक ने मीडिया से बातचीत में कहा, “असल में किया ही क्या गया? सिर्फ तीन-चार विमान हवा में उड़ाए गए और वो लौट आए। इससे क्या उन निर्दोष लोगों की जान वापस आ जाएगी जो पहलगाम हमले में मारे गए? क्या यही महिलाओं के सम्मान की रक्षा का तरीका है?”
सैन्य कार्रवाई पर उठे सवाल
मंजूनाथ ने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य और उसका निष्पादन अभी भी संदेह के घेरे में है। उन्होंने दावा किया कि सरकार केवल प्रतीकात्मक कार्रवाई कर रही है और वास्तविकता से जनता को दूर रखा जा रहा है।
उनका सवाल था, “हर चैनल अलग-अलग कहानी सुना रहा है। कोई कहता है इतने मारे, कोई कुछ और कहता है। आखिर सच्चाई क्या है? कितने मारे गए, कौन मारे गए, इसका आधिकारिक बयान कहां है?”
मानवाधिकारों की चिंता जताई
विधायक ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय मूल्यों की बात करते हुए कहा कि चाहे देश कोई भी हो—भारत, पाकिस्तान, चीन या अफगानिस्तान—आम नागरिकों के खिलाफ हिंसा की कोई भी कार्रवाई अस्वीकार्य है। उन्होंने पहलगाम हमले की भयावहता का जिक्र करते हुए कहा, “क्या आपको पता है कि उन महिलाओं के सामने उनके पतियों को गोली मारी गई? बच्चों के सामने उन्हें मार डाला गया। तीन दिन पहले वे कैसे सीमा पार कर भीतर आए और फिर कैसे निकल भागे? इसका जवाब कौन देगा?”
क्या था ऑपरेशन सिंदूर?
गौरतलब है कि पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को ड्रोन और मिसाइल हमलों से ध्वस्त किया गया। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी भारत पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया, जिसे भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया।
इसके बाद भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई एयरबेस और रडार सिस्टम को तबाह कर दिया। इस स्थिति में पाकिस्तान ने सीजफायर की पेशकश की।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
विधायक के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। जहां केंद्र सरकार इस ऑपरेशन को बड़ी सफलता बता रही है, वहीं विपक्षी नेता इससे जुड़े तथ्यों की मांग कर रहे हैं।





