by: vijay nandan
नई दिल्ली; कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने 28 सितंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर एक टीवी डिबेट के दौरान पूर्व एबीवीपी नेता द्वारा राहुल गांधी को दी गई कथित जानलेवा धमकी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रवक्ता के खिलाफ तत्काल कार्रवाई न होना “राहुल गांधी के खिलाफ हिंसा में मिलीभगत” के रूप में देखा जाएगा।
वेणुगोपाल का आरोप, नफरत का माहौल विपक्ष को असुरक्षित बना रहा
वेणुगोपाल ने पत्र में लिखा कि यह धमकी किसी छोटे पदाधिकारी की आकस्मिक टिप्पणी नहीं है, बल्कि “जानबूझकर फैलाए गए नफरत के जहरीले माहौल” का परिणाम है, जो विपक्ष के नेताओं की सुरक्षा को खतरे में डालता है। उन्होंने कहा कि अब यह गृह मंत्री की जिम्मेदारी है कि वे स्पष्ट करें कि सरकार और पार्टी की विचारधारा हिंसा के पक्ष में है या उसके खिलाफ।

टीवी डिबेट में विवादित बयान
केरल के एक न्यूज चैनल पर लद्दाख हिंसा के मुद्दे पर चल रही लाइव डिबेट के दौरान भाजपा की ओर से बहस कर रहे पूर्व एबीवीपी नेता प्रिंटू महादेव ने कथित तौर पर कहा था कि “राहुल गांधी को सीने में गोली मार दी जाएगी।” इस बयान पर केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “वे राहुल गांधी को खत्म करना चाहते हैं” लेकिन “भारत की लोकतांत्रिक जनता ऐसा नहीं होने देगी। राहुल गांधी सांप्रदायिकता और फासीवाद के खिलाफ लड़ रहे हैं, इसलिए वे किसी के सामने झुकेंगे नहीं।”
वेणुगोपाल के पत्र में सवाल
वेणुगोपाल ने अमित शाह से पूछा:
- क्या सरकार सार्वजनिक जीवन में फैली “खुलेआम आपराधिक धमकी और हिंसा की राजनीति” का समर्थन करती है?
- क्या ऐसे मामलों में कार्रवाई न होना विपक्षी नेताओं के खिलाफ हिंसा को वैध बनाने जैसा नहीं है?
उन्होंने यह भी लिखा कि राहुल गांधी पहले ही अपने परिवार के दो सदस्यों को हत्याओं में खो चुके हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर लापरवाही “गृह मंत्री की शपथ का उल्लंघन” होगी।
राहुल गांधी का विदेश दौरा
इस बीच कांग्रेस ने बताया कि राहुल गांधी फिलहाल भारत में नहीं हैं। मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने रविवार को कहा कि राहुल गांधी चार दक्षिण अमेरिकी देशों के दौरे पर हैं, जहां वे राजनीतिक नेताओं, छात्रों और उद्यमियों से बातचीत करेंगे। हालांकि देशों के नाम और यात्रा की अवधि के बारे में जानकारी नहीं दी गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे ब्राजील और कोलंबिया भी जा सकते हैं।

CRPF ने जताई थी सुरक्षा को लेकर चिंता
हाल ही में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर कहा था कि राहुल गांधी ने पिछले नौ महीनों में बिना पूर्व सूचना के छह बार विदेश यात्रा की है, जिनमें इटली, वियतनाम, दुबई, कतर, लंदन और मलेशिया शामिल हैं। एजेंसी ने चेतावनी दी थी कि इस तरह की चूक से उनकी Z+ श्रेणी सुरक्षा कमजोर पड़ सकती है।
राहुल गांधी की वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था
2019 में केंद्र सरकार ने गांधी परिवार से एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) सुरक्षा हटा ली थी, जो उन्हें करीब तीन दशक तक मिली हुई थी। इसके स्थान पर अब राहुल गांधी को सीआरपीएफ की Z+ सुरक्षा मिली है। इस श्रेणी में “येलो बुक प्रोटोकॉल” के तहत हर गतिविधि और विदेश यात्रा की जानकारी पहले से सुरक्षा एजेंसियों को देनी होती है ताकि उनके लिए पर्याप्त इंतजाम किए जा सकें।





