दिल्लीः केन्द्रीय मंत्री अमित शाह के संविधान पर चर्चा के दौरान डॉ. बीआर आंबेडकर के बयान पर सियासत गरमा गई है। अब विपक्ष लगातार इस्तीफा मांग रहा है। जिसको लेकर अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेस करके खरगे के आरोपों पर पलटवार किया है। अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस खुद संविधान विरोधी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है। यह निंदनीय है। बता दें कि केन्द्रीय मंत्री ने राज्यसभा के दौरान संविधान पर चर्चा की थी, उसी वक्त उन्होंने आंबेडकर को लेकर बयान भी दिया था, जिसको लेकर विपक्ष ने अमित शाह को घेर लिया और इस्तीफे की मांग की।
तथ्यों को तोड़ मोड़कर पेश किया
पत्रकारों से चर्चा करते हुए अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने जिस प्रकार तथ्यों को तोड़.मरोड़ कर रखने का प्रयास किया है वो निंदनीय है। मैं इसकी निंदा करना चाहता हूं। ये इसलिए हुआ क्योंकि भाजपा के वक्ताओं ने संविधान पर, संविधान की रचना के मूल्यों पर और जब.जब कांग्रेस या भाजपा का शासन रहा, तब शासन ने संविधान के मूल्यों का किस तरह से मूल्यांकन, संरक्षण और संवर्धन किया, इस पर तथ्यों और अनेक उदाहरण के साथ भाजपा के वक्ताओं ने विषय रखे।
आंबेडकर के प्रति नेहरू की नफरत जगजाहिर
अमित शाह ने कहा, संसद में चर्चा चल रही थी, तो यह साबित हो गया कि कांग्रेस ने किस तरह बाबा साहेब आंबेडकर का विरोध किया। किस तरह कांग्रेस ने बाबा साहेब की मृत्यु के बाद भी उनका मजाक उड़ाने की कोशिश की, जहां तक भारत रत्न देने की बात है, कांग्रेस के नेताओं ने कई बार खुद को भारत रत्न दिया है। नेहरू जी ने 1955 में खुद को भारत रत्न दिया, इंदिरा गांधी ने 1971 में खुद को भारत रत्न दिया और बाबा साहेब को 1990 में भारत रत्न मिला, जब कांग्रेस पार्टी सत्ता में नहीं थी और भारतीय जनता पार्टी द्वारा समर्थित सरकार थी, आंबेडकर के प्रति नेहरू की नफरत जगजाहिर है।
#WATCH | Delhi: Union Home Minister Amit Shah says, "…My statement was presented in a distorted manner. Earlier they made PM Narendra Modi's edited statements public. When the elections were going on, my statement was edited using AI. And today they are presenting my statement… pic.twitter.com/Br3AGEARqQ
— ANI (@ANI) December 18, 2024





