BY: Yoganand Shrivastva
टोक्यो: जापान और चीन के बीच पूर्वी चीन सागर में स्थित विवादित द्वीपों को लेकर तनाव फिर से गहरा गया है। शनिवार को एक चीनी हेलीकॉप्टर द्वारा जापानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने की घटना ने दोनों देशों के बीच पहले से चले आ रहे विवाद को और बढ़ा दिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जापान ने फौरन अपने लड़ाकू विमानों को अलर्ट कर चीनी हेलीकॉप्टर को खदेड़ने की कार्रवाई की।
विवादित द्वीपों के ऊपर मंडराया चीनी हेलीकॉप्टर
जापानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह घटना उस समय घटी जब चीन के तटरक्षक बल की एक जहाज से एक हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरकर सेनकाकू द्वीप समूह के ऊपर उड़ान भरी, जो जापान के नियंत्रण में है लेकिन चीन इस क्षेत्र पर अपना दावा करता है और इन्हें दियाओयू द्वीप कहता है। हेलीकॉप्टर लगभग 15 मिनट तक जापानी हवाई क्षेत्र में मौजूद रहा।
जापान ने दर्ज कराया कड़ा विरोध
घटना के बाद जापान ने टोक्यो में स्थित चीनी दूतावास को बुलाकर औपचारिक और कड़ा विरोध दर्ज कराया। जापानी अधिकारियों ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए चीन से तत्काल इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की। जापान ने स्पष्ट कहा कि ऐसे कदम क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए खतरनाक हैं।
चीन का पलटवार, लगाया जापान पर आरोप
जवाब में, चीन ने भी जापान पर उसके हवाई क्षेत्र में घुसपैठ करने का आरोप लगाया। बीजिंग का कहना है कि एक जापानी नागरिक विमान ने उन द्वीपों के पास उड़ान भरी जो चीन अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है। चीनी विदेश मंत्रालय ने जापान की इस कथित हरकत को उसकी संप्रभुता के विरुद्ध करार देते हुए असंतोष जताया है।
तनावपूर्ण हालात
जापानी रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि वायु आत्मरक्षा बल ने चीनी हेलीकॉप्टर के जवाब में दो फाइटर जेट रवाना किए। यह पूरी घटना दोपहर लगभग 12:20 बजे घटी, जब जापानी तटरक्षक बल ने चीनी हेलीकॉप्टर को सेनकाकू द्वीपों के पास उड़ते हुए देखा था।
यह नया घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब जापान और चीन के बीच समुद्री सीमा और द्वीपों को लेकर विवाद पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति में था। इस घटना ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक खींचतान को और अधिक बढ़ा दिया है।
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