Report: Rakesh Chandwansi
Chhindwara CC Road Quality छिंदवाड़ा के वार्ड नंबर 40 में डब्ल्यूसीएल कॉलोनी के सामने सीवरेज लाइन के लिए अच्छी-खासी डामर सड़क को तोड़कर बनाई गई नई सीसी सड़क अब निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में है। निर्माण के कुछ समय बाद ही सड़क पर जगह-जगह दरारें और टूट-फूट दिखाई देने लगी है। निर्माणाधीन पानी की टंकी के सामने सड़क का एक हिस्सा टूटकर बड़े गड्ढे में तब्दील हो गया है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए हादसे का खतरा बना हुआ है।
नई सड़क कुछ ही समय में हुई खराब, गुणवत्ता पर सवाल
Chhindwara CC Road Quality स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीसी सड़क निर्माण में घटिया और गुणवत्ताहीन सामग्री का इस्तेमाल किया गया। उनका कहना है कि निर्धारित मापदंडों के अनुसार निर्माण हुआ होता तो सड़क इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त नहीं होती। सड़क की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अब निर्माण के दौरान गुणवत्ता की निगरानी और अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

Chhindwara CC Road Quality लोगों का सवाल है कि क्या सड़क बनने के बाद उसकी गुणवत्ता की जांच की गई थी? यदि जांच हुई थी तो कुछ ही समय में सड़क पर दरारें और टूट-फूट कैसे सामने आ गई।
डामर सड़क तोड़कर नई सड़क बनाने पर उठे सवाल
Chhindwara CC Road Quality सीवरेज लाइन के काम के लिए पहले से बनी डामर सड़क को तोड़कर उसके स्थान पर सीसी सड़क बनाई गई। अब नई सड़क के क्षतिग्रस्त होने के बाद स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी राशि के इस्तेमाल और निर्माण कार्य की उपयोगिता की भी जांच होनी चाहिए।
स्थानीय लोगों ने सड़क की तकनीकी जांच के साथ निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार से जवाब लिया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी तय की जाए।
नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग
Chhindwara CC Road Quality मामले में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर संबंधित कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए कथित मिलीभगत के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र जांच होना जरूरी है।
लोगों की मांग है कि नगर निगम और संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर सड़क की तकनीकी एवं गुणवत्ता जांच करे। सड़क की मोटाई, निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, कार्य की गुणवत्ता और ठेकेदार के काम की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।
यदि जांच में गुणवत्ताहीन सामग्री, लापरवाही या अन्य अनियमितता सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। अब देखना होगा कि नगर निगम इस मामले में जांच कर जिम्मेदारी तय करता है या महज गड्ढे की मरम्मत कर मामले को खत्म कर दिया जाता है।
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