Mohit Jain
Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट 2026 पेश करेंगी। इस बार वे बजट की 75 साल पुरानी परंपरा को तोड़ सकती हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्ट बी में वे केवल टैक्स और पॉलिसी तक सीमित नहीं रहकर देश के आर्थिक भविष्य के लिए डिटेल्ड रोडमैप पेश करेंगी।
Budget 2026: पहले भी तोड़ी थी परंपरा
निर्मला सीतारमण का यह लगातार नौवां बजट होगा। वर्ष 2019 में उन्होंने लेदर ब्रीफकेस की परंपरा को तोड़कर बजट दस्तावेज लाल कपड़े में लपेटकर संसद में पेश किया था। पिछले चार वर्षों की तरह, इस बार भी बजट पूरी तरह पेपरलेस होगा, जो डिजिटल भारत की तस्वीर पेश करेगा।

नया रोडमैप: अल्पकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्य
सूत्रों के अनुसार, इस बार पार्ट बी में शॉर्ट-टर्म प्रायोरिटी और लॉन्ग-टर्म गोल्स दोनों पर जोर होगा। इसमें भारत की स्थानीय ताकत और वैश्विक आकांक्षाओं के बीच तालमेल स्थापित करते हुए अल्पकालिक प्राथमिकताओं और दीर्घकालिक लक्ष्यों का खाका पेश किया जाएगा।

Budget 2026: विशेष क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
बजट में आर्थिक आंकड़ों के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य (Health & Education) पर भी जोर देने की उम्मीद है। इसके अलावा, G RAM G जैसी विशेष योजनाओं पर ध्यान दिया जाएगा।
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Budget 2026: पूंजीगत व्यय और वित्तीय लक्ष्य
चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार का नियोजित कैपेक्स 11.2 लाख करोड़ रुपये है। अगले वित्त वर्ष में इसमें 10-15 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना है, जिससे यह राशि 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2026-27 में लगभग 4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।





