Reporter: रविंद्र कुमार, एडिट: विजय नंदन,
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में एक नाबालिक मुस्लिम युवक पर सनातन धर्म की युवती को बहला-फुसला कर प्रेम जाल में फंसाने का आरोप लगा है। युवती के परिजनों ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
जनपद के काशीराम कॉलोनी निवासी युवक ने कथित रूप से अपने परिवार के सहयोग से युवती को प्रभावित किया। यह पूरा मामला ‘लव जिहाद’ के स्वरूप में सामने आया है।
महिला आयोग की सदस्य संगीता अग्रवाल और भारतीय जनता पार्टी की नेत्री मंजू चौधरी ने घटना स्थल पर जाकर परिजनों को न्याय का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी और यदि इसे नजरअंदाज किया गया तो इसी तरह सनातन धर्म की लड़कियां अन्य मामलों में शिकार हो सकती हैं।
इस दौरान पुलिस ने युवती को वन स्टॉप सेंटर भेजा। पूरे दिन परिजन, समाजसेवी और भाजपा नेताओं का सेंटर में आवागमन बना रहा। अब यह देखना बाकी है कि पुलिस द्वारा इस मामले में क्या ठोस कार्रवाई की जाएगी।

यूपी में धर्मांतरण के विरोध में कानून है, जिसे उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 कहा जाता है..
उत्तर प्रदेश में धर्म परिवर्तन अधिनियम (UP Prohibition of Unlawful Conversion of Religion Act, 2020) लागू है। इसके मुख्य बिंदु:
- धर्म परिवर्तन के लिए अनुमति: किसी व्यक्ति को अपना धर्म बदलने के लिए सशक्त और स्वतंत्र इच्छा होनी चाहिए।
- धर्मांतरण के लिए नोटिफिकेशन: जो कोई भी धर्म परिवर्तन करवाता है, उसे स्थानीय जिला मजिस्ट्रेट को सूचना देनी होती है।
- बल, धोखा या आर्थिक लालच: यदि किसी को बल, धोखा, प्रलोभन या शादी का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया गया, तो यह अपराध है।
- दंड: नियमों का उल्लंघन करने पर 5 साल तक की जेल और जुर्माना लग सकता है।
धर्म छिपाकर शादी करना (Marriage by Concealment of Religion)
- यदि कोई व्यक्ति अपनी सच्ची धार्मिक पहचान छुपाकर शादी करता है, तो यह धर्मांतरण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420/415 (धोखाधड़ी) के तहत आता है।
- शादी के समय धर्म छुपाना और प्रलोभन देना धोखाधड़ी माना जाता है।
- शादी शुदा व्यक्ति या किसी अन्य धर्म के व्यक्ति को छल से धर्म परिवर्तन कर शादी करना भी अपराध है।
अन्य प्रावधान
- अदालतें शादी के धार्मिक आधार पर अनुचित प्रभाव या धोखाधड़ी की स्थिति में शादी को रद्द करने या शून्य घोषित करने का आदेश दे सकती हैं।
- अगर नाबालिग या कमजोर व्यक्ति को धर्मांतरण या शादी में शामिल किया गया, तो कड़ी सजा का प्रावधान है।
उद्देश्य
- समाज में धार्मिक स्वतंत्रता का दुरुपयोग रोकना।
- जबरदस्ती धर्म परिवर्तन और विवाह के माध्यम से प्रलोभन या दबाव को रोका जा सके।
- धर्मांतरण में पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करना।





