रिपोर्टर: विष्णु गौतम
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नन से जुड़े एक मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति के कारण पीड़ित पक्ष और उनका प्रतिनिधिमंडल प्रशासन से नहीं मिल सका।
सांसदों और विधायकों को मिलने से रोका गया
भूपेश बघेल ने बताया कि केरल से सांसद और विधायकों का एक प्रबंध मंडल उनसे मिलने आया था।
- उन्हें 12:30 बजे का समय दिया गया था।
- लेकिन जब वे मिलने पहुंचे तो उन्हें रोक दिया गया।
- बघेल के अनुसार, इसका कारण था कि उसी समय भाजपा का डेलिगेशन रायपुर से आया हुआ था।
“धरने की नौबत आती”
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि मिलने का समय न दिया जाता, तो
“आग अगर नहीं दिया जाता मिलने तो दिया जाता धरना।”
उन्होंने इसे भाजपा की घटिया राजनीति करार दिया और कहा कि इस वजह से उन्हें स्वयं यहां आना पड़ा।
भाजपा पर सीधा हमला
भूपेश बघेल ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह संवेदनशील मामलों को भी राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति न सिर्फ लोकतंत्र के खिलाफ है बल्कि पीड़ितों की आवाज़ को दबाने का प्रयास भी है।





