Report by: Ajay Nigam
Bhopal: कायस्थम मध्य प्रदेश ने बरकतुल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल और डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के पूर्व वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) संतोष कुमार श्रीवास्तव के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। 87 वर्षीय डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव का 20 सितंबर को निधन हो गया।
Bhopal: शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में रहा उल्लेखनीय योगदान
शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव के उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए कायस्थम ने उन्हें 17 जनवरी 2025 को “कायस्थम सम्मान-25” से सम्मानित किया था। कायस्थम के अध्यक्ष प्रलय श्रीवास्तव के अनुसार, डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव भोपाल के कायस्थ समाज में भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी रही।
डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव का शैक्षणिक और अकादमिक जीवन भी उपलब्धियों से भरा रहा। वे अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी, इथाका, न्यूयॉर्क में विजिटिंग प्रोफेसर रहे। इसके अलावा उन्होंने बरकतुल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल में प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष के साथ-साथ डीन स्टूडेंट वेलफेयर और रेक्टर के रूप में भी जिम्मेदारियां निभाईं।
Bhopal: इंडियन साइंस कांग्रेस से लेकर रिसर्च तक बनाई पहचान
प्रो. संतोष कुमार श्रीवास्तव इंडियन साइंस कांग्रेस एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे। उन्हें जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया की ओर से गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया था। विज्ञान के क्षेत्र में उनके शोध कार्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। विदेशों में प्रकाशित विज्ञान संबंधी अनेक पुस्तकों में उनके रिसर्च कार्यों का उल्लेख किया गया।
उनके नाम राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित करीब 80 रिसर्च पेपर दर्ज हैं। विज्ञान से संबंधित उनकी पांच पुस्तकें भी शिक्षा जगत में लोकप्रिय रही हैं। उनके निधन को शिक्षा, विज्ञान और सामाजिक क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण क्षति के रूप में देखा जा रहा है। कायस्थम मध्य प्रदेश ने शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को स्मरण किया।


