Report By: Sunil Shirsat, Edit By: Mohit Jain
Bhimashankar Temple: नाशिक में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले और प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के अनुभव के आधार पर यह संभावना जताई गई थी कि कुंभ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं में से बड़ी संख्या श्री क्षेत्र भीमाशंकर दर्शन के लिए आएगी। प्रतिदिन लगभग एक लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र शासन ने बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक भीमाशंकर मंदिर के सर्वांगीण विकास हेतु विशेष योजना मंजूर की है।

Bhimashankar Temple: विकास कार्य और आधारभूत संरचना
इस योजना के अंतर्गत मंदिर परिसर में सुरक्षित, व्यवस्थित और आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए कई आधारभूत कार्य किए जा रहे हैं। इनमें भव्य नए सभामंडप का निर्माण, सुरक्षित प्रवेश और निकास व्यवस्था, सीढ़ी मार्ग का विकास और भीड़ प्रबंधन से संबंधित सुविधाओं का निर्माण शामिल है। मुख्य सभामंडप को पूर्णतः हटाया जा चुका है और निर्माण कार्य वर्तमान में तेजी से प्रगति पर है।

महाशिवरात्रि के दौरान दर्शन बंद
पूर्व में मंदिर को तीन माह के लिए अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्णय लिया गया था, जिसमें महाशिवरात्रि (12 फरवरी से 18 फरवरी 2026) को दर्शन के लिए खोलने की योजना थी। लेकिन निर्माण कार्य की गति, विस्तार और सुरक्षा कारणों के विस्तृत आकलन के पश्चात यह पाया गया कि मंदिर परिसर में बड़ी मात्रा में निर्माण सामग्री और बड़े पत्थर रखे हुए हैं, जिन्हें हटाना संभव नहीं है। इसलिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और विकास कार्य समय पर पूरा करने के लिए महाशिवरात्रि के दौरान भी मंदिर दर्शन के लिए बंद रहेगा।

Bhimashankar Temple: भौगोलिक और मौसम संबंधी चुनौतियां
भीमाशंकर क्षेत्र अत्यधिक वर्षा वाले इलाके में स्थित है। जून से सितंबर के बीच वर्षा अत्यधिक होती है, इसलिए उस समय निर्माण कार्य करना संभव नहीं होता। अतः उपलब्ध समय में ही विकास कार्य पूरा करना आवश्यक है।

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Bhimashankar Temple: जिलाधिकारी की अपील

जिलाधिकारी एवं जिला दंडाधिकारी पुणे, श्री जितेंद्र डूडी ने श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे मंदिर संस्थान, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ सहयोग करें और इस निर्णय की गंभीरता को समझें।





