बलूचिस्तान की सुरक्षा स्थिति में एक बार फिर गंभीर बदलाव आया है। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने शुक्रवार को दावा किया कि उसके लड़ाकों ने बलूचिस्तान के सोराब शहर पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। यह घटनाक्रम उसी दिन हुआ, जब पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर क्वेटा के दौरे पर थे। इस दौरान सोराब के असिस्टेंट कमिश्नर हिदायतुल्ला बुलेदी की मौत भी हुई, जो इस संघर्ष की गंभीरता को दर्शाता है।
बीएलए का तीन घंटे का ऑपरेशन: सोराब पर कब्जा
बीएलए के प्रवक्ता जीयांद बलूच ने बताया कि लड़ाकों ने लगभग तीन घंटे तक चलने वाले ऑपरेशन में सोराब के सभी महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों और राजमार्गों को अपने नियंत्रण में ले लिया। इस ऑपरेशन के दौरान:
- लेवी पुलिस स्टेशन, पुलिस स्टेशन, डीसी ऑफिस, गेस्ट हाउस और बैंक पर कब्जा किया गया।
- पुलिस और लेवी फोर्स के कई कर्मियों को हिरासत में लिया गया।
- सुरक्षा चौकियों से 30 से अधिक क्लाश्निकोव राइफलें, अन्य हथियार और युद्ध सामग्री जब्त की गई।
- पाकिस्तानी सेना की तीन गाड़ियां और कई राज्य के गोदामों में आग लगा दी गई।
- दो वाहनों को कब्जे में ले लिया गया।
हिरासत और रिहाई: बलूच पहचान के आधार पर
बीएलए ने बताया कि हिरासत में लिए गए पुलिस और लेवी कर्मियों को उनकी बलूच पहचान के आधार पर सशर्त रिहा कर दिया गया। यह कदम समूह की स्थानीय समर्थन की नीति को दर्शाता है।
असिस्टेंट कमिश्नर की मौत: आकस्मिक घटना या विवाद?
डीसी ऑफिस पर कब्जे के दौरान असिस्टेंट कमिश्नर हिदायतुल्ला बुलेदी की मृत्यु हो गई। बीएलए प्रवक्ता ने बताया कि बुलेदी ने हमला करने की कोशिश की, जिसके बाद उन्हें कमरे में बंद कर दिया गया। दम घुटने से उनकी मौत हो गई, जिसे बीएलए ने आकस्मिक घटना बताया है। यह घटना क्षेत्र में तनाव और विवादों को और बढ़ाएगी।
क्वेटा-कराजी और सोराब-गदर राजमार्ग पर चेकपोस्ट
बीएलए ने न केवल सोराब शहर पर कब्जा किया, बल्कि क्वेटा-कराजी और सोराब-गदर मुख्य राजमार्गों पर भी चेकपोस्ट लगाकर आवाजाही पर पाबंदी लगा दी है। यह कदम बलूचिस्तान में उनके प्रभाव और नियंत्रण को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
पाकिस्तान आर्मी चीफ के दौरे के दौरान हुई घटना
यह हमला उसी दिन हुआ जब पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में कमांड और स्टाफ कॉलेज का दौरा कर रहे थे। इस समय में यह घटना सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल उठाती है और यह पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करती है।
बलूचिस्तान की आजादी के लिए जारी संघर्ष
बलूच लिबरेशन आर्मी का मकसद बलूचिस्तान को पाकिस्तान से स्वतंत्र कराना है। समूह ने स्पष्ट किया है कि जब तक बलूचिस्तान को आजादी नहीं मिलती, उनका संघर्ष जारी रहेगा। सोराब शहर पर कब्जा इसी लंबे संघर्ष का नया अध्याय है।
सारांश
- बीएलए ने सोराब शहर पर तीन घंटे के ऑपरेशन में कब्जा किया।
- सरकारी कार्यालयों और राजमार्गों को निशाना बनाया गया।
- पुलिस और लेवी कर्मियों को हिरासत में लिया गया, बाद में बलूच पहचान पर रिहा किया।
- असिस्टेंट कमिश्नर हिदायतुल्ला बुलेदी की मौत हुई।
- चेकपोस्ट लगाकर मुख्य राजमार्गों पर आवाजाही पर प्रतिबंध।
- घटना पाकिस्तान आर्मी चीफ के क्वेटा दौरे के दौरान हुई।