Balaghat : मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से मानवीय रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ दो दामादों ने मिलकर अपने ही ससुर के भरोसे का खून कर दिया। परसवाड़ा थाना क्षेत्र के अरंडिया जंगल में हुई इस सुनियोजित हत्या के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
विश्वासघात की खौफनाक साजिश
Balaghat पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह कोई तात्कालिक विवाद नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। आरोपियों ने पारिवारिक रंजिश का बदला लेने के लिए 30 जनवरी की शाम को ससुर कैलाश गिरी गोस्वामी (60) को विश्वास में लिया। पहले उन्हें मटन खिलाया गया और जी भरकर शराब पिलाई गई। जब बुजुर्ग पूरी तरह नशे की हालत में आ गए, तो आरोपी उन्हें मोटरसाइकिल पर बैठाकर अरंडिया के घने जंगल ले गए, जहाँ सुनसान इलाके में इस वारदात को अंजाम दिया गया।

जंगल में बेरहमी से हत्या और साक्ष्य मिटाने की कोशिश
Balaghat जंगल पहुँचते ही आरोपियों ने बुजुर्ग पर लकड़ी के भारी डंडे से ताबड़तोड़ वार किए और गला दबाकर उनकी जान ले ली। हत्या के बाद शव को जंगल में छिपा दिया गया ताकि किसी की नजर न पड़े। शातिर आरोपी अशोक गिरी ने खुद को बचाने के लिए पुलिस में ससुर की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई, ताकि किसी को उन पर शक न हो। हालांकि, 3 फरवरी को शव मिलने के बाद जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो संदेह की सुई दामादों की ओर ही घूमी।
पुलिस का खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी
Balaghat पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने जब अशोक और उसके साढ़ू रुस्तम गिरी से कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, डंडा, मोबाइल और मृतक का जलाया गया सामान बरामद कर लिया है। 8 फरवरी को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
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