Report: Punit sen
Anuppur अनूपपुर जिले के जैतहरी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामों में एक बार फिर जंगली हाथियों ने दस्तक दी है। हाथियों के इस मूवमेंट से न केवल फसलों को भारी नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि रिहायशी इलाकों के करीब पहुँचने से ग्रामीणों में भारी डर का माहौल है। ताज़ा मामले में ग्राम पंचायत अमगंवा के वार्ड क्रमांक 10 (डोगरीटोला) में एक हाथी ने जमकर तबाही मचाई है।
अन्नदाता की मेहनत पर फिरा पानी
Anuppur डोगरीटोला के किसान गणेश सिंह आर्मों के खेत में लगी गेहूं की तैयार फसल को एक दंतैल हाथी ने पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। किसान का कहना है कि रात के अंधेरे में आए हाथी ने खेत को रौंद डाला, जिससे आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में हाथियों का मूवमेंट जैतहरी वन परिक्षेत्र के धनगंवा बीट के कुसुंमहाई और चोई के जंगलों के बीच बना हुआ है, जिससे आसपास के कई गाँवों पर खतरा मंडरा रहा है।

वन्य जीव संरक्षक और वन विभाग की मुस्तैदी
Anuppur हाथियों की सुरक्षा और इंसानी बस्तियों को बचाने के लिए वन्य जीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल लगातार सक्रिय हैं। वे न केवल हाथियों के मूवमेंट की पल-पल की निगरानी कर रहे हैं, बल्कि वन विभाग के अमले को भी निरंतर सूचनाएँ भेज रहे हैं। श्री अग्रवाल लंबे समय से हाथियों के संरक्षण और उनके व्यवहार को समझने की दिशा में काम कर रहे हैं, ताकि हाथी और मानव द्वंद्व (Man-Animal Conflict) को कम किया जा सके।
रिहायशी इलाकों में अलर्ट, दहशत में ग्रामीण
Anuppur एक दंतैल हाथी की मौजूदगी ने ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा दी है। वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी करते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने और रात के समय खेतों की ओर न जाने की सलाह दी है। हाथियों का झुंड अक्सर खड़ी फसल की तलाश में बस्तियों का रुख करता है। फिलहाल, विभाग हाथियों को रिहायशी इलाकों से दूर घने जंगलों की ओर खदेड़ने के प्रयास में जुटा है।
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