BY
Yoganand Shrivastava
Anjana Om Kashyap Khan Sir Defamation Case हाई कोर्ट का आदेश: तत्काल रोक लगाने से मना, बचाव पक्ष से मांगा जवाब
नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को मशहूर टीवी पत्रकार अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क द्वारा दायर दो करोड़ रुपये के मानहानि मुकदमे में कोई भी तत्काल अंतरिम राहत (Instant Interim Relief) देने से साफ इनकार कर दिया है। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की अवकाशकालीन पीठ (Vacation Bench) ने इस मामले की सुनवाई करते हुए लोकप्रिय ऑनलाइन शिक्षक फैजल खान उर्फ ‘खान सर’ और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर इस याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि कोई भी एकतरफा आदेश जारी करने से पहले दूसरे पक्ष को सुनना जरूरी है। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 17 जून, 2026 को तय की गई है।

Anjana Om Kashyap Khan Sir Defamation Case कोर्ट में कानूनी पेंच: याचिका की स्वीकार्यता पर उठे गंभीर सवाल
सुनवाई के दौरान अंजना ओम कश्यप के वकीलों ने सोशल मीडिया पर उनके और न्यूज़ चैनल ‘आज तक’ के खिलाफ चलाई जा रही कथित अपमानजनक, विषाक्त और मानहानिकारक मुहिम का हवाला दिया। उन्होंने अदालत से मांग की कि ऐसे वीडियो और पोस्ट को तुरंत इंटरनेट से हटाया जाए और भविष्य में ऐसी सामग्री के प्रकाशन पर रोक लगाई जाए।
हालांकि, प्रतिवादी पक्ष के वकीलों ने इस याचिका के वर्तमान स्वरूप पर ही प्रारंभिक कानूनी आपत्ति (Technical Objection) उठा दी। उनका तर्क था कि:
- यह मुकदमा इस रूप में सुनवाई के योग्य ही नहीं है।
- याचिकाकर्ता ने कई अलग-अलग व्यक्तियों और सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ, जो विभिन्न कारणों से उपजे अलग-अलग विवाद थे, उन्हें एक ही जगह मिलाकर एकल याचिका दायर कर दी है।
- कानूनी प्रक्रिया के अनुसार, इन सभी मामलों और पक्षों के खिलाफ पृथक-पृथक (अलग-अलग) कानूनी कार्रवाइयां की जानी चाहिए थीं।
Anjana Om Kashyap Khan Sir Defamation Case जानिए क्या है विवाद की मुख्य वजह?
अदालती दस्तावेजों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पूरे विवाद का सिरा 29 मई से जुड़ा हुआ है:
टीवी शो और पत्रकारीय टिप्पणी
29 मई 2026
अंजना ओम कश्यप ने अपने प्राइम टाइम शो के दौरान देश में शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण और इंटरनेट पर “स्टार टीचर्स” (ऑनलाइन शिक्षकों) के बढ़ते दबदबे को लेकर एक तीखी टिप्पणी की थी। कश्यप का दावा है कि यह सार्वजनिक महत्व से जुड़ा एक वैध पत्रकारीय विश्लेषण था।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
30 मई से 04 जून 2026
इस शो के प्रसारण के बाद खान सर सहित देश के कई नामचीन शिक्षकों और डिजिटल चैनलों ने टीवी टुडे नेटवर्क के खिलाफ एक सोशल मीडिया कैंपेन शुरू कर दिया। याचिका के अनुसार, वीडियो और पोस्ट्स में पत्रकार के लिए ‘बिकाऊ’, ‘चाटुकार’ और ‘फेक न्यूज की दुकान’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची।
Anjana Om Kashyap Khan Sir Defamation Case खान सर के अलावा कई बड़े नाम और सोशल मीडिया हैंडल्स भी केस में शामिल
इस मानहानि के मुकदमे में खान सर के अतिरिक्त शिक्षा जगत के कई अन्य चर्चित चेहरे भी लपेटे में आए हैं। याचिका में शिक्षक अभिनय शर्मा, बबीता त्यागी, और अरविंद भदौरिया को भी पक्षकार (पार्टी) बनाया गया है। इसके अलावा कुछ सोशल मीडिया प्रोफाइल्स और ‘4पीएम न्यूज़ नेटवर्क’ को भी आरोपी सूची में शामिल किया गया है। याचिका में एक गंभीर आरोप यह भी लगाया गया है कि खान सर ने एक वीडियो में सार्वजनिक रूप से अंजना कश्यप के बच्चे के स्कूल का नाम उजागर कर दिया, जिससे उनके परिवार की व्यक्तिगत सुरक्षा और गोपनीयता पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है।
Anjana Om Kashyap Khan Sir Defamation Case चौतरफा मुश्किलों में ‘खान सर’: पटना फायरिंग और फायर विभाग का नोटिस
उल्लेखनीय है कि इस मानहानि केस के बीच खान सर पटना में भी कानून के शिकंजे में फंसे हुए हैं। 2 जून को पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित उनके संस्थान ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ के बाहर हुई गोलीबारी की घटना में पुलिस ने उनके ही सुरक्षा गार्डों के बयान के आधार पर खान सर के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) का मुकदमा दर्ज किया है, जिसमें वे फिलहाल कानूनी संरक्षण की तलाश में हैं।
इसके अलावा, बिहार अग्निशमन सेवा (Fire Department) की औचक जांच में उनके पटना स्थित सेंटर पर सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही पाई गई है। संस्थान में न तो फायर अलार्म सिस्टम चालू था और न ही पानी की पर्याप्त टंकी की व्यवस्था थी। विभाग ने उन्हें एक हफ्ते का अल्टीमेटम देते हुए नोटिस थमाया है कि यदि कमियां दूर नहीं की गईं, तो कोचिंग सेंटर को सील कर दिया जाएगा।
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