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एमपी में रहती है 100 साल से ज्यादा उम्र की बूढ़ी हथनी

दुनिया की सबसे बुढ़ी हथनी मध्यप्रदेश में रहती है, इस बुढ़ी हथनी की उम्र 100 साल से ज्यादा मानी जाती है और ताज्जुब की बात यह है कि अभी तक यह हथनी पूरी तरह से स्वस्थ्य है। बता दें कि हाथियों की औसतन उम्र 60-70 वर्ष तक की रहती है एमपी के पन्ना टाइगर रिजर्व में बूढ़ी हथनी वत्सला को रखा गया है। और फॉरेस्ट प्रशासन के द्वारा उसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। बता दें कि बूढ़ी हथनी को देखने के लिए विदेशों तक से सैलानी आते है। फिलहाल बुढ़ी हथनी के उम्र से संबंधित दस्तावेज न होने के कारण इसका नाम गिनीज बुक में दर्ज नहीं किया गया है।

इसलिए रिकॉर्ड में नहीं

दुनिया की सबसे उम्रदराज हथिनी वत्सला की उम्र 100 वर्ष से ज्यादा है। हालांकि, वत्सला के जन्म से संबंधित कोई दस्तावेज या पुख्ता सबूत नहीं होने के कारण गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में इसका नाम शामिल नहीं हो सका है।
बताया जाता है कि आम तौर पर हाथियों की उम्र लगभग 60 से 70 वर्ष होती है, वत्सला की उम्र का दावा 100 वर्ष से अधिक का किया जाता है। वर्तमान में पन्ना टाइगर रिजर्व में कुल 19 हाथी हैं। 100 साल की उम्र के साथ वत्सला पूरी तरह स्वस्थ है।

1971 में आई थी बुढ़ी हथिनी

साल 1971 में वत्सला को केरल के फॉरेस्ट डिविजन से पकड़ा था। इसके बाद अगले साल इसे होशंगाबाद शिफ्ट किया गया। उस समय वत्सला की उम्र 50 वर्ष थी। वत्सला को 1993 में पन्ना टाइगर रिजर्व लाया गया था। तभी से यह पीटीआर के गौरव के रूप में मौजूद हैं पन्ना टाइगर रिजर्व की शान और देशी.विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हथिनी वत्सला को दुनिया में सबसे अधिक उम्र हथिनी बताया जाता है। लेकिनए अभी तक उसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हुआ है।