रिपोर्टरः दिनेश गुप्ता- अपडेटः योगानंद श्रीवास्तव
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के ग्राम मिर्गाडांड में रहने वाली विशेष संरक्षित पण्डो जनजाति की एक गर्भवती महिला ने घर पर ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। परिजनों ने तुरंत 102 एंबुलेंस की मदद से मां और नवजात को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएससी) उदयपुर पहुंचाया।
सीएससी के डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद नवजात की स्थिति को गंभीर मानते हुए उसे उच्च केंद्र रेफर कर दिया। इसके बाद परिजनों ने 108 एंबुलेंस के लिए कई बार संपर्क किया, लेकिन चार घंटे बीत जाने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी।
इस दौरान नवजात की हालत बिगड़ती चली गई और अंततः समय पर उचित इलाज न मिल पाने के कारण उसकी मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से परिजनों में गहरा शोक है और स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर नाराज़गी व्याप्त है।
मामले को लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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