जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा एक बार फिर प्रकृति की मार की वजह से बाधित हो गई है। बालटाल मार्ग और पहलगाम मार्ग पर भारी बारिश के चलते कई जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। बालटाल में हुए भूस्खलन में 10 तीर्थयात्री घायल हो गए, जबकि एक महिला श्रद्धालु की मौत हो गई।
आज के लिए यात्रा स्थगित
गुरुवार, 17 जुलाई को अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। जम्मू बेस कैंप से आगे किसी भी यात्री को यात्रा की अनुमति नहीं दी गई है। लगातार बारिश की वजह से यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया।
कहां-कहां हुआ भूस्खलन?
- बालटाल मार्ग के जैड मोड़ के पास रेलपथरी इलाके में अचानक पानी का बहाव बढ़ने से लैंडस्लाइड हुआ।
- कई यात्री फ्लैश फ्लड की चपेट में आ गए।
- राजस्थान की 55 वर्षीय सोना बाई बेहोशी की हालत में मेडिकल सेंटर लाई गईं, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
- 10 अन्य घायलों का इलाज चल रहा है, सभी की हालत स्थिर है।
हालांकि, अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक पुष्टि जारी नहीं की गई है।
उधमपुर में भी भूस्खलन, NH बंद
उधमपुर जिले में धार रोड पर भी भूस्खलन हुआ, जिससे नेशनल हाईवे करीब एक घंटे तक बंद रहा। इस वजह से अमरनाथ यात्रा का ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग का अलर्ट जारी
- मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
- श्रद्धालुओं को अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
- बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर मौसम लगातार खराब बना हुआ है।
‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित
1 जुलाई से 10 अगस्त तक अमरनाथ यात्रा मार्ग को ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित किया गया है।
ड्रोन, UAV और गुब्बारों पर पूर्ण प्रतिबंध है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और नियंत्रण बना रहे।
बालटाल बनाम पहलगाम: कौन सा मार्ग है ज्यादा चुनौतीपूर्ण?
| मार्ग | दूरी | विशेषता |
|---|---|---|
| पहलगाम मार्ग | 48 किमी | लंबा लेकिन आसान ट्रैक |
| बालटाल मार्ग | 14 किमी | छोटा लेकिन जोखिम भरा और चढ़ाई ज्यादा |
बालटाल मार्ग पर यात्रियों को हमेशा रेनकोट, ऊनी कपड़े और दवाइयां साथ रखने की सलाह दी जाती है। यहां बारिश और भूस्खलन सामान्य घटनाएं हैं।
अब तक ढाई लाख श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन
सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद अब तक 2.5 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मौसम सुधारते ही यात्रा बहाल की जाएगी।
अमरनाथ यात्रा हर साल हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होती है, लेकिन प्राकृतिक आपदाएं इसके मार्ग में बड़ी चुनौती बनकर सामने आती हैं। भूस्खलन और भारी बारिश के चलते श्रद्धालुओं को सतर्कता बरतने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सख्त जरूरत है।





