BY
Yoganand Shrivastava
Bihar बाहर का खाना खाने के शौकीनों के लिए अकोला से एक बेहद डरावनी खबर सामने आई है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में दो व्यक्ति बाल्टी में नाले का गंदा पानी भरते हुए और उसे एक नाश्ते की हाथगाड़ी (ठेले) पर ले जाते हुए साफ देखे जा सकते हैं। यह घटना मुख्य बस स्थानक चौक की बताई जा रही है, जहाँ रोजाना हजारों यात्रियों का आवागमन होता है।

Bihar स्वास्थ्य के साथ ‘खूनी’ खिलवाड़
वीडियो में देखा जा सकता है कि जिस पानी का इस्तेमाल हाथ-पैर धोने के लिए भी नहीं किया जा सकता, उसे बाल्टियों में भरकर सीधे नाश्ते की दुकान पर रखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि नाले के पानी में खतरनाक बैक्टीरिया और वायरस होते हैं, जिससे:

- गंभीर बीमारियाँ: फूड पॉइजनिंग, हैजा, टायफाइड और हेपेटाइटिस जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा।
- संक्रमण: दूषित जल से तैयार खाद्य पदार्थ सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए ‘स्लो पॉइजन’ के समान हैं।
Bihar ‘कुंभकरण की नींद’ में सोया प्रशासन
इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों का गुस्सा अन्न और औषधि प्रशासन (FDA) पर फूट पड़ा है। लोगों का आरोप है कि विभाग केवल कागजी खानापूर्ति में व्यस्त है और जमीनी स्तर पर विक्रेताओं की कोई जांच नहीं की जा रही है।

- नागरिकों का सवाल: जब वीडियो में प्रमाण स्पष्ट है, तो अब तक दुकान संचालक पर कठोर कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
- निगरानी का अभाव: शहर के प्रमुख चौकों पर धड़ल्ले से चल रही ऐसी हाथगाड़ियों की स्वच्छता जांच शून्य नजर आ रही है।
Bihar महानगरपालिका और स्वास्थ्य विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग
वायरल वीडियो पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए नेटिजन्स और अकोला के निवासियों ने महानगरपालिका से मांग की है कि:
- दोषियों पर एफआईआर: सार्वजनिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले ठेला संचालकों पर तुरंत मुकदमा दर्ज हो।
- सघन चेकिंग अभियान: शहर के सभी स्ट्रीट फूड वेंडर्स और हाथगाड़ियों की पानी की गुणवत्ता और स्वच्छता की औचक जांच की जाए।
- लाइसेंस रद्दीकरण: नियमों का उल्लंघन करने वालों के व्यावसायिक लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द किए जाएं।





