BY: Yoganand Shrivastva
Akhilesh Yadav responds to Chandrashekhar Azad उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच गठबंधन की चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद के साथ गठबंधन की संभावना पर अपनी बात रखी। मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश ने कहा कि उनकी पार्टी चंद्रशेखर आजाद के बिना भी चुनाव जीत रही है। उन्होंने कहा, “उनके बिना भी हम जीत रहे हैं।”
’80-20 नहीं, 90-10 का खेल है’
Akhilesh Yadav responds to Chandrashekhar Azad अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि इस बार मुकाबला 80-20 का नहीं, बल्कि 90-10 का है। उन्होंने कहा कि जो लोग पीड़ित हैं, वे 90 प्रतिशत हैं। इसी दौरान उन्होंने बिना नाम लिए एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर भी निशाना साधा। अखिलेश ने पतंग और उसकी डोर का उदाहरण देते हुए कहा कि पतंग उतनी ही ऊपर जाती है, जितनी उसे ढील दी जाती है। उनके इस बयान को राजनीतिक गलियारों में गठबंधन और विपक्षी दलों की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
चंद्रशेखर ने दिया था साथ आने का प्रस्ताव
Akhilesh Yadav responds to Chandrashekhar Azad इससे पहले चंद्रशेखर आजाद ने अखिलेश यादव को गठबंधन का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से हटाने के लिए अखिलेश यादव को सभी दलों को साथ लेकर चलना चाहिए और सभी को उनका उचित हक देना चाहिए। अब अखिलेश के बयान के बाद दोनों दलों के बीच संभावित गठबंधन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
ओवैसी पहले भी साध चुके हैं अखिलेश पर निशाना
Akhilesh Yadav responds to Chandrashekhar Azad इससे पहले एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी अखिलेश यादव पर आरोप लगाए थे। ओवैसी ने कहा था कि मुसलमानों के अधिकारों की बात करने वालों को अखिलेश अपना विरोधी समझते हैं। उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी की तत्कालीन सरकार पर सवाल उठाए थे। ओवैसी ने यह भी आरोप लगाया था कि जब वह मुस्लिम समुदाय के अधिकारों की बात करते हैं, तो उन्हें भाजपा का एजेंट बताया जाता है। ये बयान दोनों नेताओं के बीच जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा हैं।
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