Mohit Jain
Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के पुणे जिले में आज सुबह विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब पवार का विमान पुणे के बारामती इलाके में उतर रहा था।
भारत ने अपने राजनीतिक इतिहास में कई ऐसे दुखद क्षण देखे हैं, जब विमान और हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं में देश के बड़े नेताओं और जनप्रतिनिधियों का असमय निधन हो गया। ये हादसे न केवल राजनीति के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गहरे सदमे का कारण बने। आइए नजर डालते हैं उन प्रमुख नेताओं पर, जिनकी जान हवाई हादसों में चली गई।
संजय गांधी (1980)

कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे पुत्र संजय गांधी की 23 जून 1980 को दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट के पास विमान हादसे में मौत हो गई थी। वे स्वयं विमान उड़ा रहे थे और एरोबैटिक्स के दौरान नियंत्रण खो बैठे। महज 33 वर्ष की उम्र में उनकी मृत्यु से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई थी।
माधवराव सिंधिया (2001)

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और ग्वालियर राजघराने के उत्तराधिकारी माधवराव सिंधिया का 30 सितंबर 2001 को उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में निजी सेसना विमान दुर्घटना में निधन हो गया। वे एक राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उनकी मौत को कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना गया।
जी.एम.सी. बालयोगी (2002)

लोकसभा अध्यक्ष और तेलुगु देशम पार्टी के वरिष्ठ नेता जीएमसी बालयोगी की 3 मार्च 2002 को आंध्र प्रदेश में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई। उनका हेलीकॉप्टर एक तालाब में गिर गया था।
साइप्रियन संगमा (2004)
मेघालय के ग्रामीण विकास मंत्री साइप्रियन संगमा की 22 सितंबर 2004 को पवन हंस हेलीकॉप्टर हादसे में मृत्यु हो गई। इस दुर्घटना में कुल 10 लोगों की जान गई थी।
ओ.पी. जिंदल और सुरेंद्र सिंह (2005)

प्रसिद्ध उद्योगपति और हरियाणा के तत्कालीन बिजली मंत्री ओम प्रकाश जिंदल तथा कृषि मंत्री सुरेंद्र सिंह की 31 मार्च 2005 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई। यह हादसा उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में हुआ था।
वाई.एस. राजशेखर रेड्डी (2009)

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी की 2 सितंबर 2009 को हेलीकॉप्टर क्रैश में मृत्यु हो गई। खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर जंगल में गिर गया था। वे किसानों और गरीबों के लिए चलाई गई योजनाओं के लिए खासे लोकप्रिय थे।
दोर्जे खांडू (2011)

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोर्जे खांडू का 30 अप्रैल 2011 को पवन हंस हेलीकॉप्टर हादसे में निधन हो गया। यह दुर्घटना चीन सीमा के पास हुई थी।
विजय रूपाणी (2025)

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता विजय रूपाणी की 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया फ्लाइट के क्रैश में मौत हो गई थी। इस भीषण हादसे में सैकड़ों यात्रियों की जान गई, जिससे पूरा देश शोक में डूब गया।
Ajit Pawar Plane Crash:
ये सभी हादसे देश के राजनीतिक इतिहास के सबसे दर्दनाक अध्यायों में शामिल हैं। इन घटनाओं ने न सिर्फ परिवारों और दलों को, बल्कि पूरे राष्ट्र को गहरे रूप से प्रभावित किया है और हवाई सुरक्षा को लेकर समय-समय पर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं।
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