Report: Farhan khan
Agra आम आदमी प्रदेश में अपनी सियासी जमीन मजबूत करने के लिए सड़कों पर उतर आई है। शुक्रवार, 3 अप्रैल से आगरा से मथुरा तक “रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा का भव्य आगाज हुआ। राज्यसभा सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में शुरू हुई यह यात्रा 9 अप्रैल तक चलेगी, जिसमें पार्टी कार्यकर्ता पैदल मार्च कर सरकार की नीतियों को चुनौती देंगे।
Agra ‘रोजगार दो या 10 हजार दो’: युवाओं के लिए नया नारा
पदयात्रा की शुरुआत करते हुए संजय सिंह ने बेरोजगारी को देश का सबसे ज्वलंत मुद्दा करार दिया। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि यदि सरकार युवाओं को सम्मानजनक रोजगार देने में अक्षम है, तो उन्हें हर महीने 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने एक सुझाव भी दिया कि इस राशि के बदले सरकार युवाओं से सार्वजनिक और प्रशासनिक कार्यों में सहयोग ले सकती है, जिससे उन्हें ‘बेरोजगारी’ के कलंक से मुक्ति मिल सके।
Agra शिक्षक भर्ती और सामाजिक न्याय पर सरकार को घेरा
संजय सिंह ने प्रदेश सरकार पर शिक्षक भर्ती घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने जातिवाद की राजनीति पर प्रहार करते हुए ‘सामाजिक न्याय’ की मांग उठाई। महंगाई के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज आम आदमी गैस सिलेंडर जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए लंबी कतारों में खड़ा है। पश्चिम बंगाल, पंजाब और गुजरात का उदाहरण देते हुए उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र के हनन का आरोप भी लगाया।
Agra अपनों पर भी सवाल: राघव चड्ढा की चुप्पी पर जताई हैरानी
हैरानी की बात यह रही कि संजय सिंह ने अपनी ही पार्टी के नेता राघव चड्ढा की कार्यशैली पर भी सार्वजनिक रूप से सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सदन के भीतर बड़े मुद्दों पर राघव चड्ढा की खामोशी समझ से परे है। उन्होंने न तो अहम प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए और न ही वॉकआउट में हिस्सा लिया, जिसका जवाब उन्हें जनता को देना चाहिए। अंत में कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए संजय सिंह ने कहा, “हम मोदी सरकार से नहीं डरे, जेल गए लेकिन झुकेंगे नहीं।





