रिपोर्टर: जावेद खान
ग्लोबल वार्मिंग और तेजी से घटते पर्यावरणीय संतुलन को लेकर देशभर में चिंता गहराती जा रही है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए जा रहे “एक पेड़ मां के नाम” अभियान का असर अब ग्रामीण अंचलों में भी दिखाई देने लगा है। इस मुहिम के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में भी वृक्षारोपण की अलख जगाई जा रही है।
गुरु पूर्णिमा पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर ग्राम पंचायत कोंडागांव स्थित प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में यूथ एवं इको क्लब के तत्वावधान में बच्चों ने न केवल वृक्षारोपण किया बल्कि अपने शिक्षकों को तिलक लगाकर सम्मान भी प्रदान किया।
बच्चों ने समझा पेड़ और गुरु का महत्व
इस आयोजन में बच्चों को वृक्षों के महत्व और पर्यावरण संरक्षण के विषय में विस्तार से बताया गया। उन्हें समझाया गया कि जिस तरह गुरु अज्ञानता रूपी अंधकार को मिटाकर जीवन में प्रकाश भरते हैं, उसी प्रकार पेड़ भी जीवन के लिए ऑक्सीजन प्रदान कर धरती को जीवंत बनाए रखते हैं। इस कार्यक्रम में शिक्षा और प्रकृति दोनों के प्रति समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला।
जनप्रतिनिधियों ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में जनपद सदस्या ज्योति यूइके तथा ग्राम पंचायत कोंडागांव के उपसरपंच हेमंत टमरिया ने भी शिरकत की। उन्होंने बच्चों के साथ मिलकर वृक्षारोपण किया और पर्यावरण सुरक्षा में भागीदारी निभाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज हर व्यक्ति को कम से कम एक वृक्ष अवश्य लगाना चाहिए, और यदि वह वृक्ष अपनी मां के नाम समर्पित किया जाए, तो उसका भाव और भी पवित्र हो जाता है।
बच्चों ने गुरु को किया नमन
गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में छात्रावास के बच्चों ने अपने शिक्षकों का तिलक लगाकर भावपूर्ण सम्मान किया। इस दौरान बच्चों ने गुरु के प्रति अपने श्रद्धा और आभार को व्यक्त किया। यह आयोजन शिक्षा, पर्यावरण और सामाजिक मूल्यों को जोड़ता हुआ एक प्रेरणादायक पहल के रूप में सामने आया।





